पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार खत्म हो गया और पार्टी को राज्य में अपना पहला मुख्यमंत्री मिल गया।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक बन गया। भवानीपुर सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराने वाले भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार खत्म हो गया और पार्टी को राज्य में अपना पहला मुख्यमंत्री मिल गया।
कोलकाता के ऐतिहासिक Brigade Parade Ground में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। समारोह में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, समर्थक और साधु-संत शामिल हुए, जिससे पूरा मैदान उत्सव के माहौल में नजर आया।
ममता बनर्जी को भी भेजा गया था निमंत्रण
राज्य सरकार के प्रोटोकॉल के तहत पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण भेजा गया था, लेकिन वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं। राजनीतिक जानकार इसे बंगाल की बदलती राजनीति का बड़ा संकेत मान रहे हैं।
शंखनाद और जयघोष से गूंजा ब्रिगेड ग्राउंड
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शंखनाद, ढोल-नगाड़ों और ‘जय श्रीराम’ के नारों के बीच उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। भाजपा समर्थकों में खासा उत्साह दिखाई दिया। समारोह स्थल के बाहर सुबह से ही भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।
समारोह में पहुंचे साधु-संतों ने भी भाजपा सरकार बनने पर खुशी जाहिर की। “हम भी इस राज्य का हिस्सा हैं। लंबे समय तक यहां कम्युनिस्टों और कांग्रेस का शासन रहा। बाद में तृणमूल कांग्रेस की सरकार आई। आज भाजपा की सरकार बन रही है, इसलिए साधु-संत भी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने पहुंचे हैं।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई VVIP नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए कोलकाता पुलिस ने समारोह के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। ब्रिगेड परेड ग्राउंड और आसपास के इलाकों को हाई सिक्योरिटी जोन में बदल दिया गया था। ड्रोन, CCTV कैमरों और हजारों पुलिसकर्मियों की मदद से पूरे कार्यक्रम पर नजर रखी गई।
बंगाल की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत
शुभेंदु अधिकारी की ताजपोशी को पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। लंबे समय तक वाम दलों और फिर तृणमूल कांग्रेस के गढ़ रहे बंगाल में भाजपा की सरकार बनना राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।





