प्रयागराज। प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम के नाम पर एक शराब कंपनी द्वारा शराब का नाम रखकर बेचे जाने पर साधु संतों ने कड़ी नाराजगी जताई है और यह शराब बाजार से नहीं हटाए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
भारद्वाज आश्रम पर यहां प्रदर्शन कर रहे जगद्गुरु रामानुजाचार्य शांडिल्य महाराज ने पत्रकारों से कहा,हमारे सनातन धर्म में प्रयागराज तीर्थ में स्थित गंगा, यमुना, सरस्वती के मिलन स्थल का नाम संगम है। उन्होंने कहा,पूरे विश्व में संगम क्षेत्र की बड़ी महिमा है और पूरे विश्व के लोग यहां का जल लेकर जाते हैं। आज यह स्थिति हो गई है कि संगम के नाम पर मदिरा बनाने वाली एक कंपनी शराब बेच रही है।
शांडिल्य महाराज ने कहा,शराब कंपनी के इस कृत्य को लेकर साधु संतों में बहुत आक्रोश है। हमारी योगी सरकार से मांग है कि तत्काल इस पर कठोर कार्वाई करे और जो भी इसमें दोषी हैं, सभी के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा,हमारी पूर्व में भी मांग रही है और फिर से हम यह मांग करते हैं कि संगम क्षेत्र से पांच किलोमीटर के दायरे में मांस मदिरा की बिक्री पर योगी सरकार प्रतिबंध लगाए।
अखिल भारतीय दंडी सन्यासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम महाराज का कहना है कि कुछ अराजक तत्वों ने तीर्थराज प्रयागराज के संगम के नाम पर अपनी शराब का नाम रखा है। यह विद्रोह पैदा करने वाला कृत्य है और सभी साधु संत इसको लेकर बहुत आक्रोशित हैं।





