27 साल बाद ज्येष्ठ महीने में आई ऐसी शिवरात्रि
लखनऊ। हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का बहुत खास महत्व है। हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत किया जाता है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है। भक्त इस दिन विधि-विधान से शिवजी और माता पार्वती की पूजा करते हैं। वहीं, इस बार पूरे 27 साल बाद ज्येष्ठ अधिक महीने में मासिक शिवरात्रि का संयोग बन रहा है। वहीं, इस दिन गौरी योग का भी लाभ व्रतियों को मिलेगा। ऐसे में इस मासिक शिवरात्रि का व्रत और पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि के संयोग बनेंगे और भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है। पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का आरंभ 13 जून, शनिवार के दिन शाम को 4 बजकर 8 मिनट पर होगा। वहीं, अगले दिन यानी 14 जून, रविवार को दोपहर के 12 बजकर 20 मिनट तक चतुर्दशी तिथि व्याप्त रहेगी इसके बाद अमावस्या तिथि आरंभ हो जाएगी। मासिक शिवरात्रि पर शाम की पूजा का अधिक महत्व होता है। ऐसे में अधिक मास की मासिक शिवरात्रि 13 जून को मनाई जाएगी। यह मासिक शिवरात्रि बहुत खास रहने वाली है क्योंकि पूरे 27 साल बाद ज्येष्ठ अधिक महीने में मासिक शिवरात्रि का संयोग बन रहा है। दरअसल, इससे पहले साल 1999 में ज्येष्ठ अधिक मास शिवरात्रि का संयोग बना था। यही कारण है कि 2027 में ऐसा विशेष संयोग बन रहा है। साथ ही, इस दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में संचार करेंगे। जिससे गौरी योग का निर्माण होगा। ऐसे में यह व्रत व्रतियों के लिए पुण्यदायी होगा।
अधिक मासिक शिवरात्रि शुभ मुहूर्त
शुभ चौघड़िया : सुबह 7 बजकर 7 मिनट से लेकर 8 बजकर 51 मिनट तक।
लाभ चौघड़िया : शाम को 7 बजकर 19 मिनट से लेकर 8 बजकर 34 मिनट तक।
अमृत चौघड़िया : रात को 11 बजकर 4 मिनट से लेकर 12 बजकर 22 मिनट तक।
प्रदोष काल : शाम को 6 बजकर 34 मिनट से लेकर 8 बजकर 4 मिनट तक।
अधिक मासिक शिवरात्रि पूजा विधि
मासिक शिवरात्रि के दिन व्रती को सुबह जल्दी उठकर स्नानादि करने के बाद साफ वस्त्र धारण करने चाहिए। अगर संभव हो, तो ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर लेना चाहिए। सबसे पहले भगवान का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लेना चाहिए। फिर, घर के मंदिर या पास के शिवालय में जाकर शिवजी की पूजा करें। मंदिर में शिवलिंग का घी, दही, शहद, शक्कर, शुद्ध जल आदि के साथ अभिषेक करें। साथ ही, शिवजी को बेलपत्र अवश्य अर्पित करें। शिवजी की कृपा पाने के लिए मासिक शिवरात्रि पर शिवजी का रुद्राभिषेक करना बहुत शुभ माना जाता है। भोलेनाथ को इस दिन फल, बेलपत्र, धतूरा आदि चढ़ाना चाहिए। शिवजी के सामने घी का दीपक जलाएं और विधि-विधान से पूजा करें फिर, पूरे दिन उपवास रखना चाहिए। भगवान शिव की पूजा में शिवजी के मंत्रों का जप और शिव चालीसा का पाठ करना भी बहुत उत्तम माना जाता है। साथ ही, उपवास के दौरान पूरे दिन मन में अच्छे विचार रखने चाहिए। शाम को प्रदोष काल में दोबारा शिवजी की विधि-विधान से पूजा करें और उनके मंत्रों का जप करें। साथ ही, मासिक शिवरात्रि व्रत कथा का पाठ भी अवश्य करें। शिवरात्रि के दिन मध्य रात्रि में पूजा करने का भी बहुत अधिक महत्व बताया गया है। इस दिन रात में 12 बजे के बाद शिवजी की पूजा करना पुण्यकारी माना जाता है।





