back to top

मोहब्बत के रंगों से भरा उपन्यास ‘प्यार के इस खेल में’

सारे रंगों को मोहब्बत से जोड़ती हैं
लखनऊ। यूं तो इश्क के कई रंग होते हैं लेकिन फिर भी उसे सुर्ख़ से ही जोड़ा जाता है, इस किताब की शुरूआत में ही लेखिका इरा टाक ने लिखा है कि वो सारे रंगों को मोहब्बत से जोड़ती हैं। ठीक अपने कहे की तरह ही लेखिका ने इस उपन्यास में प्रेम के तमाम रूपों को दिखाने की कोशिश की है। पहले प्रेम टोनी से से धोका खाती नायिका त्रिशा जो एक डॉक्टर भी है, जिसे उस विरह से निकलने में समय लगता है। उसके पीछे दीवानगी की हद तक पड़ा एक आशिक राहुल और एक शख्स और है – विक्रांत जो किसी और शहर में आईपीएस अफसर है लेकिन त्रिशा का शांति से, एक परिपक्वव प्रेमी की तरह की प्रेम करता है। वो प्रतीक्षा करता है लेकिन जुनूनी नहीं होता। लेकिन त्रिशा कोई अपरिपक्व लड़की नहीं है लेकिन भावनात्मक रूप से उलझी हुई है। इसके जीवन में आए तमाम रिश्ते उसी उलझन की प्रतिकृति हैं। किताब आज के युवाओं को खास पसंद आएगी, चूंकि उसमें वे सारे फैक्टर हैं जो आज की सिचुएशनशिप और रिलेशनशिप में होते हैं। चाहें सोशल मीडिया पर एक्स की स्टॉकिंग हो या फिर चीट करने के बाद भी बिना ग्लानि के मूव आॅन कर जाना। कुछेक गलत रिश्तों के जूझने के बाद सही रिश्ते पर भी अविश्वास से भर जाना। लेकिन एक ऐसा व्यक्ति उसे मिलता है जो उसे जज नहीं करता, उसका दोस्त अधिक रहना चाहता है, भावनाएं काबू में रखता है लेकिन प्रेम की असल परिभाषा जानता है। दरअसल लेखिका ने उस पात्र के जरिए ही प्रेम का वास्तवित सूत्र पकड़ाने की कोशिश की है। फिर अंत में जीत तो उसी प्रेम की होती है जो प्रेम है, जिसमे प्रतीक्षा है, धैर्य है, जो परिपक्व है, जिसमें बदले में कोई चाहना नहीं है, सिर्फ़ एकतरफा चाहत है। यह किताब प्रेम को किसी आदर्श या स्वप्नलोक की तरह नहीं, बल्कि एक ऐसे अनुभव की तरह देखती है जिसमें उम्मीद, भय, आत्मसम्मान और असुरक्षा, सब साथ-साथ चलते हैं। किताब की भाषा सरल और प्रवाहमयी है। यही वजह है कि यह बोझिल नहीं लगती, बल्कि पाठक को सहज रूप से अपने साथ बहा ले जाती है। प्रेम, दोस्ती, अकेलापन और आत्मसम्मान जैसे विषय आसानी से बयां हो जाते हैं। खास तौर पर आज के कोरपोरेट जमाने में। कुल मिलाकर, प्यार के इस खेल में उन पाठकों के लिए एक सधी हुई, संवेदनशील और आसानी से पढ़ी जाने वाली किताब है, जो रिश्तों की उलझनों, टूटते-जुड़ते भरोसे और प्रेम की वास्तविकताओं को समझना चाहते हैं। यह किताब याद दिलाती है कि प्यार कोई सीधा रास्ता नहीं, बल्कि ऐसा खेल है जिसमें पाने और खोने से ज्यादा खुद को समझ पाना मायने रखता है।

RELATED ARTICLES

अयोध्या में 15 से शुरू होगी अखिल भारतीय कला शिविर

सहभागी कलाकार बनेंगे अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान के संवाहक लखनऊ। भारत की सांस्कृतिक परंपरा में कुछ नगर केवल भौगोलिक स्थान नहीं होते, वे समय, स्मृति...

जंगल की पुकार: हमें नष्ट मत करो, हमें मत काटो

वन्यजीवों और प्रकृति ने समाज से मांगी सुरक्षा की भीखलखनऊ। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से मदर सेवा संस्थान द्वारा चबूतरा थियेटर फेस्टिवल...

अरविंद अकेला कल्लू का नया भोजपुरी गाना राउंड राउंड रिलीज

नए भोजपुरी म्यूजिक वर्टिकल भोजपुरी धूम का शानदार शुभारंभलखनऊ। एक भव्य समारोह के दौरान भोजपुरी संगीत जगत को एक नई सौगात मिली, जब पा...

अपने किरदार के लिए पूरी ईमानदारी और मेहनत से काम किया : अनंत जोशी

दर्शकों का प्यार ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है : जमील खानलखनऊ। टीवीएफ की लोकप्रिय वेब सीरीज गुल्लक का पांचवां सीजन दर्शकों के बीच...

अयोध्या में 15 से शुरू होगी अखिल भारतीय कला शिविर

सहभागी कलाकार बनेंगे अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान के संवाहक लखनऊ। भारत की सांस्कृतिक परंपरा में कुछ नगर केवल भौगोलिक स्थान नहीं होते, वे समय, स्मृति...

जंगल की पुकार: हमें नष्ट मत करो, हमें मत काटो

वन्यजीवों और प्रकृति ने समाज से मांगी सुरक्षा की भीखलखनऊ। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से मदर सेवा संस्थान द्वारा चबूतरा थियेटर फेस्टिवल...

मासिक शिवरात्रि कल, बन रहा गौरी योग का महासंयोग

27 साल बाद ज्येष्ठ महीने में आई ऐसी शिवरात्रिलखनऊ। हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का बहुत खास महत्व है। हर माह के कृष्ण पक्ष...

दमदार एक्टिंग, एंटरटेनमेंट से भरपूर है ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’

एंटरटेनमेंट, ह्यूमर, सस्पेंस के साथ और भी बहुत कुछ देखने को मिलेगालखनऊ। अगर आप ये सोचकर द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो देखने जा रहे हैं...

अरविंद अकेला कल्लू का नया भोजपुरी गाना राउंड राउंड रिलीज

नए भोजपुरी म्यूजिक वर्टिकल भोजपुरी धूम का शानदार शुभारंभलखनऊ। एक भव्य समारोह के दौरान भोजपुरी संगीत जगत को एक नई सौगात मिली, जब पा...