back to top

जंगल की पुकार: हमें नष्ट मत करो, हमें मत काटो

वन्यजीवों और प्रकृति ने समाज से मांगी सुरक्षा की भीख
लखनऊ। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से मदर सेवा संस्थान द्वारा चबूतरा थियेटर फेस्टिवल सीजन 10 का भव्य आयोजन गोमतीनगर स्थित अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में किया गया। प्रस्तुति हमें नष्ट मत करो में नन्हें मुन्हें कलाकारों द्वारा दिखाया गया कि मनुष्य की बढ़ती जरूरतों और जंगलों की अंधाधुंध कटाई के कारण आज प्रकृति और वन्यजीवों का अस्तित्व गहरे संकट में है। इस गंभीर विषय पर समाज को जागरूक करने और पर्यावरण चेतना जगाने के लिए जंगल के जीवों और वनस्पतियों ने एकजुट होकर मानव जाति (लकड़हारे) से अपने जीवन की रक्षा की मार्मिक अपील की है। इस अनूठी पुकार के माध्यम से समाज को एक नया और बेहद जरूरी संदेश देने का प्रयास किया गया है। जंगल के विभिन्न प्रतिनिधियों ने लकड़हारे के सामने अपनी व्यथा और विचार कुछ इस प्रकार रखे हैं । हिरण की मासूम पुकार हे मानव! जब तुम इन पेड़ों को काटते हो, तो तुम सिर्फ लकड़ी नहीं काटते, बल्कि हमारा पूरा जीवन छीन लेते हो। इन हरी-भरी झाड़ियों के बिना हम भूखे मर जाएंगे और खुद को छुपा नहीं पाएंगे। हमारी मासूमियत पर तरस खाओ, हमें बख्श दो और बेघर मत करो।

चिड़िया की दर्दभरी आवाज
मेरी छोटी सी दुनिया इन पेड़ों की टहनियों पर ही सिमटी है। यहाँ मेरे मासूम बच्चे और उनके आशियाने हैं। जब तुम एक पेड़ गिराते हो, तो हमारे हंसते-खेलते परिवारों को पल भर में उजाड़ देते हो। हमारी चहचहाहट को हमेशा के लिए खामोश मत करो, हमें सुरक्षित डालियां दे दो।
बाल लघु नाटक ने समाज के लिए नया संदेश
इस सांकेतिक पुकार के माध्यम से प्रकृति हमें आगाह कर रही है कि वन्यजीवों और जंगलों का विनाश सीधे तौर पर मानव सभ्यता के अंत की शुरूआत है। पेड़ों को काटना बंद करना, नए पौधे लगाना और वन्यजीवों के जीने के अधिकार का सम्मान करना किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक कर्तव्य है। प्रकृति बचेगी, तभी जीवन बचेगा। नाटक में बरगद -अथर्व गौतम , छोटा बरगद – शौर्य वर्मा ,चिड़िया – आराध्या गौतम और- कनकप्रिया भारती, हिरन – मान्या यादव और अदिरा गौतम,शेर – आरव गौतम और लकड़हारा की भूमिका कनिष्क वर्मा ने निभाई नाटक के बाल सहायक निर्देशन – कुशाग्र कृष्ण रहे ’ नाटक का लेखन व निर्देशन महेश चंद्र देवा ने किया। तो वही दूसरी प्रस्तुति मुंशी प्रेमचंद की कालजयी नाटक ‘सुभागी’ का मंचन हुआ ’ जिसे नाट्य रूपांतर चित्र मुद्गल ने किया है ’ मदर सेवा संस्थान का चबूतरा थियेटर पाठशाला कोटवा वार्ड नं 10 बीकेटी के बच्चों द्वारा सुभागी का सशक्त मंचन किया गया ’ नाटक’सुभागी’ एक ऐसी संवेदनशील और प्रेरणादायक कहानी है, जो पितृसत्तात्मक समाज में एक बेटी के त्याग, स्वाभिमान और असीम सामर्थ्य को रेखांकित करती है। नाटक की मुख्य पात्र सुभागी, तुलसी महतो और लक्ष्मी की होनहार बेटी है। उसका भाई रामू अत्यंत स्वार्थी और कामचोर है, जबकि सुभागी महज 11 वर्ष की उम्र में विधवा होने के बावजूद माता-पिता के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

RELATED ARTICLES

अयोध्या में 15 से शुरू होगी अखिल भारतीय कला शिविर

सहभागी कलाकार बनेंगे अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान के संवाहक लखनऊ। भारत की सांस्कृतिक परंपरा में कुछ नगर केवल भौगोलिक स्थान नहीं होते, वे समय, स्मृति...

अरविंद अकेला कल्लू का नया भोजपुरी गाना राउंड राउंड रिलीज

नए भोजपुरी म्यूजिक वर्टिकल भोजपुरी धूम का शानदार शुभारंभलखनऊ। एक भव्य समारोह के दौरान भोजपुरी संगीत जगत को एक नई सौगात मिली, जब पा...

मोहब्बत के रंगों से भरा उपन्यास ‘प्यार के इस खेल में’

सारे रंगों को मोहब्बत से जोड़ती हैंलखनऊ। यूं तो इश्क के कई रंग होते हैं लेकिन फिर भी उसे सुर्ख़ से ही जोड़ा जाता...

अपने किरदार के लिए पूरी ईमानदारी और मेहनत से काम किया : अनंत जोशी

दर्शकों का प्यार ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है : जमील खानलखनऊ। टीवीएफ की लोकप्रिय वेब सीरीज गुल्लक का पांचवां सीजन दर्शकों के बीच...

अयोध्या में 15 से शुरू होगी अखिल भारतीय कला शिविर

सहभागी कलाकार बनेंगे अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान के संवाहक लखनऊ। भारत की सांस्कृतिक परंपरा में कुछ नगर केवल भौगोलिक स्थान नहीं होते, वे समय, स्मृति...

मासिक शिवरात्रि कल, बन रहा गौरी योग का महासंयोग

27 साल बाद ज्येष्ठ महीने में आई ऐसी शिवरात्रिलखनऊ। हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का बहुत खास महत्व है। हर माह के कृष्ण पक्ष...

दमदार एक्टिंग, एंटरटेनमेंट से भरपूर है ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’

एंटरटेनमेंट, ह्यूमर, सस्पेंस के साथ और भी बहुत कुछ देखने को मिलेगालखनऊ। अगर आप ये सोचकर द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो देखने जा रहे हैं...

अरविंद अकेला कल्लू का नया भोजपुरी गाना राउंड राउंड रिलीज

नए भोजपुरी म्यूजिक वर्टिकल भोजपुरी धूम का शानदार शुभारंभलखनऊ। एक भव्य समारोह के दौरान भोजपुरी संगीत जगत को एक नई सौगात मिली, जब पा...

मोहब्बत के रंगों से भरा उपन्यास ‘प्यार के इस खेल में’

सारे रंगों को मोहब्बत से जोड़ती हैंलखनऊ। यूं तो इश्क के कई रंग होते हैं लेकिन फिर भी उसे सुर्ख़ से ही जोड़ा जाता...