back to top

मनुष्य के दैवीय गुण

न्तरात्मा या आत्मध्वनि का आदेश मनुष्य का एक दैवीय गुण है। मनुष्य की आत्मा ही उसे उचित-अनुचित, सत्य-असत्य का ज्ञान कराती है। अन्तरात्मा का आदेश मनुष्य को मिला हुआ एक दैवीय वरदान है, जो हमें सच्चाई के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है। जैसे ही हम कोई पाप या कोई बुरा काम करने की सोचते हैं वैसे ही हमारी अन्तरात्मा हमें धिक्कारती है या कचोटती है।

अन्तरात्मा की आवाज सभी मनुष्य को सुनाई देती है। हो सकता है कि अधिक पापों अथवा बार-बार उपेक्षित होने के कारण इस पर मैल मिट्टी जम जाय और यह कुछ क्षीण हो जाय किन्तु यह रहती अवश्य है। किसी में तीव्र तो किसी में धीमी। दुष्ट, पापी व्यक्तियों में अनाचार के कारण यह मोह, स्वार्थ और हिंसा में दब जाती है। अगर हमें सांसारिक और आध्यात्मिक उन्नति चाहिए तो हमें अपनी अन्तरात्मा की आवाज को सुनना होगा और कभी उसकी अवहेलना नहीं करनी होगी। किसी भी कार्य करने से पहले अपने अन्तरात्मा की गवाही अवश्य लेनी होगी। दुनिया भर का विरोध करने पर भी अगर हम अपनी अन्तरात्मा के आदेश का पालन करेंगे तो हमें सफल होने से कोई रोक नहीं सकता। दरअसल हमारी अंतरात्मा ही हमारे लिए एक मार्गदर्शक, नियंत्रक है जो हमे हमेशा सत्य पथ के लिए प्रेरित करती है। हम जितना अपनी अंतरात्मा की आवाज को सुनते हैं, हमारे लिए उतना ही ठीक रहता ह

RELATED ARTICLES

संघर्ष की रेखाओं से सृजन के रंग तक : शीला शर्मा का कला-संकल्प

सामूहिक सांस्कृतिक धरोहर बन जाते हैंलखनऊ। कभी-कभी कोई कला केंद्र केवल ईंट, पत्थर और सीमेंट से निर्मित भवन नहीं होता, बल्कि वह मनुष्य की...

रस्सी भूटान से गुरुद्वारा आलमबाग साहिब पहुंचे पांच पावन

पावन स्वरूप बहुत ही गंभीर हालात में रखे गये गये थेलखनऊ। रस्सी भूटान इलाका लखनऊ में पिछले कई वर्षों से सिन्धी समाज द्वारा गुरुद्वारा...

समर कैंप में बच्चों को दिए गये मेडल एवं प्रमाण-पत्र

मंदिर की विशेषताओं से अवगत कराया गयालखनऊ। इस्कॉन, लखनऊ में चल रहे किड्स समर कैंप का सातवाँ एवं अंतिम दिवस अत्यंत उत्साह, आनंद और...

बकरीद : नवाबों के शहर में सेवइयों से सजने लगे बाजार

लखनऊ। ईद उल अजहा के त्योहार के लिए बकरामंडियों के साथ-साथ शहर की बाजारों में रौनक बढ़ गई है। अमीनाबाद, चौक, नक्खास समेत शहर...

संघर्ष की रेखाओं से सृजन के रंग तक : शीला शर्मा का कला-संकल्प

सामूहिक सांस्कृतिक धरोहर बन जाते हैंलखनऊ। कभी-कभी कोई कला केंद्र केवल ईंट, पत्थर और सीमेंट से निर्मित भवन नहीं होता, बल्कि वह मनुष्य की...

रस्सी भूटान से गुरुद्वारा आलमबाग साहिब पहुंचे पांच पावन

पावन स्वरूप बहुत ही गंभीर हालात में रखे गये गये थेलखनऊ। रस्सी भूटान इलाका लखनऊ में पिछले कई वर्षों से सिन्धी समाज द्वारा गुरुद्वारा...

समर कैंप में बच्चों को दिए गये मेडल एवं प्रमाण-पत्र

मंदिर की विशेषताओं से अवगत कराया गयालखनऊ। इस्कॉन, लखनऊ में चल रहे किड्स समर कैंप का सातवाँ एवं अंतिम दिवस अत्यंत उत्साह, आनंद और...

गुरमत ज्ञान प्रतियोगिता में बच्चे सम्मानित

इस परीक्षा में 147 बच्चों ने भाग लियालखनऊ। आज रविवार को गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा नाका हिंडोला लखनऊ में सिख यूथ एसोसिएशन...

गोपालराम गहमरी की स्मृति में चली जासूसी कथाओं पर चर्चा

चैनल लांचिंग के संग सही काव्य रसधार लखनऊ। गहमर की साहित्य सरोज संस्था की ओर से जासूसी कहानियों पर यहां प्रेस क्लब में आयोजित परिचर्चा...