लखनऊ। प्रदेश में मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) प्रदेश के आवासहीन एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए आशा की नई किरण बनकर उभरी है। योजना के माध्यम से लाखों गरीब ग्रामीण परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराकर उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी जीवन का आधार प्रदान किया जा रहा है। शासन के मूल्यांकन प्रभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच कराए गए सर्वेक्षण में योजना के सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से सामने आए हैं।
सर्वेक्षण में शामिल 1,464 परिवारों में से 1,457 परिवारों ने माना कि पक्का मकान मिलने के बाद उनके जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। यह आंकड़ा दशार्ता है कि योजना ने जरूरतमंद परिवारों को केवल आवास ही नहीं, बल्कि बेहतर जीवन जीने का अवसर भी प्रदान किया है। सर्वेक्षण के अनुसार 84 प्रतिशत लाभार्थियों ने बताया कि पक्का घर मिलने के बाद उन्हें सर्दी, गर्मी और बारिश जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों से बेहतर सुरक्षा प्राप्त हुई है। पहले जहां कच्चे मकानों और झोपड़ियों में रहने वाले परिवार मौसम की मार झेलने को मजबूर थे, वहीं अब वे सुरक्षित वातावरण में जीवन यापन कर रहे हैं। रहन-सहन और जीवन स्तर में भी व्यापक सुधार दर्ज किया गया है।
77 प्रतिशत लाभार्थियों ने माना कि पक्का मकान मिलने के बाद उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आया है और पारिवारिक जीवन पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित हुआ है। आवास योजना का प्रभाव केवल भौतिक सुविधाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे लाभार्थियों के आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हुई है। सर्वेक्षण में 71 प्रतिशत लोगों ने कहा कि पक्का घर मिलने के बाद समाज में उनका सम्मान बढ़ा है और उन्हें सामाजिक बराबरी का अनुभव होने लगा है। सर्वेक्षण के दौरान 68 प्रतिशत लाभार्थियों ने बताया कि कच्चे घरों में रहने के दौरान उन्हें सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता था।
पक्के मकान मिलने के बाद इस समस्या से काफी हद तक राहत मिली है, जिससे परिवारों की सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों में सुधार हुआ है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर योजना की प्राथमिकता श्रेणी में दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाएं तथा प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों को शामिल किया गया, जिससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों तक आवास सुविधा पहुंचाई जा सके।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) उन गरीब परिवारों के लिए आशा की किरण साबित हुई है, जो विभिन्न कारणों से अन्य आवास योजनाओं का लाभ प्राप्त नहीं कर सके थे। विशेष रूप से वनटांगिया, मुसहर, कोल, थारू, चेरो, कुष्ठ प्रभावित तथा कालाजार और जापानी इंसेफेलाइटिस से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया गया है।





