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हर परफॉर्मेंस के बाद खुद को फिर से साबित करना पड़ता है : ज्योतिर्मयी नायक

लखनऊ। इंडियन आइडल सीजन 16′ की विजेता विनर ज्योतिर्मयी नायक ने अपनी शानदार गायकी से पूरे देश का दिल जीत लिया. सीजन के दौरान उन्होंने कई यादगार परफॉर्मेंस दीं और जजों के साथ-साथ दर्शकों की भी खूब तारीफें बटोरीं. अपनी जीत के बाद उन्होंने मीडिया से बात की, जहाँ उन्होंने अपनी जीत, यादगार पलों, ग्रैंड फिनाले की तैयारी, प्रेरणा, जजों से मिले सुझाव और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की. पेश हैं इस बातचीत के प्रमुख अंश….।

‘इंडियन आइडल सीजन 16’ की विनर बनने के बाद आपकी पहली फीलिंग क्या थी?
सच कहूं तो यह एहसास शब्दों में बयां करना मुश्किल है। देश के सबसे लंबे चले ‘इंडियन आइडल’ सीजन की विजेता बनना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है. मैं बेहद खुश हूं और दिल से उन सभी लोगों की आभारी हूं, जिन्होंने इस पूरे सफर में मेरा साथ दिया।

जब आपके हाथ में ‘इंडियन आइडल सीजन 16’ की ट्रॉफी आई, उस खास अनुभव को आप कैसे याद करती हैं?
वह पल मेरे लिए बेहद भावुक और यादगार था. जैसे ही ट्रॉफी मेरे हाथ में आई, मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि मैंने यह मुकाम हासिल कर लिया है. मेरे मन में सिर्फ खुशी, गर्व और भगवान के प्रति कृतज्ञता का भाव था. लेकिन शुरूआत में थोड़ी घबराहट भी थी, क्योंकि यह सब राष्ट्रीय टेलीविजन पर हो रहा था. लेकिन वही पल मेरी जिंदगी की सबसे खूबसूरत यादों में से एक बन गया, जिसे मैं हमेशा अपने दिल के करीब रखूंगी।

इंडियन आइडल का कौन-सा पल आपके लिए हमेशा यादगार रहेगा?
मेरे लिए इस शो का हर पल खास है. किसी एक पल को चुनना मुश्किल है. हर एपिसोड के पीछे एक लंबी तैयारी होती थी. पहले हम गाना शुरू से सीखते थे, फिर पहली और दूसरी रिहर्सल करते थे. उसके बाद अपने मेंटर आनंद सर से पूछते थे कि गाना सही जा रहा है या नहीं. फिर टेक्निकल रिहर्सल होती थी और आखिर में स्टेज पर परफॉर्मेंस देकर जजों के कमेंट्स मिलते थे. यह पूरा सफर हर एपिसोड में दोहराया जाता था. निंबूडा- निंबूडा, ‘सोनी मेरी सोनी’, ‘रात बाकी बात बाकी’ और ‘हंगामा हो गया’ जैसे गाने मेरे लिए हमेशा यादगार रहेंगे।

क्या कभी ऐसा लगा कि इस बार परफॉर्मेंस उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई?
हां, कई बार ऐसा महसूस हुआ. हर दिन एक जैसा नहीं होता. कभी-कभी हम जैसा सोचते हैं, वैसा परफॉर्म नहीं कर पाते. लेकिन मैंने सीखा कि निराश होने के बजाय अगले मौके पर बेहतर करने की कोशिश करनी चाहिए।

जजों के फीडबैक ने आपके सफर में कितना योगदान दिया?
कई बार तारीफ ने मोटिवेट किया और कई बार आलोचना से भी सीख मिली. मैं हमेशा अपनी कमियों पर काम करने की कोशिश करती थी. मैंने हर फीडबैक को सकारात्मक तरीके से लिया और उसी से खुद को बेहतर बनाया।

श्रेया घोषाल और हेमा मालिनी जैसी हस्तियों से तारीफ मिलना कितना खास था?
श्रेया मैम काफी समय बाद शो में आई थीं, इसलिए उनके सामने गाना गाना हमारे लिए बहुत बड़ा टास्क था. लेकिन जब उन्होंने मेरी तारीफ की तो मुझे बहुत खुशी हुई. हेमा मालिनी मैम और बादशाह सर से भी मुझे ढेर सारा प्यार और सराहना मिली. यह मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।

ग्रैंड फिनाले की तैयारी कितनी चुनौतीपूर्ण रही?
ग्रैंड फिनाले की तैयारी काफी मुश्किल थी. हमें बहुत कम समय में चार गाने तैयार करने थे. टॉप-6 के सभी कंटेस्टेंट बहुत मजबूत थे, इसलिए मुकाबला भी काफी कड़ा था. लेकिन हम सभी पूरी मेहनत और उत्साह के साथ तैयारी कर रहे थे. अच्छी बात यह रही कि हमारी मेहनत रंग लाई और जजों ने भी खूब सराहा।

इस पूरे सफर की सबसे बड़ी सीख क्या रही?
मैंने सीखा कि चाहे परफॉर्मेंस कितनी भी अच्छी क्यों न हो, उसे पीछे छोड़कर आगे बढ़ना जरूरी है. अगर आप पुरानी सफलता में ही रुक जाएंगे, तो आगे नहीं बढ़ पाएंगे. विनर बनने के बाद जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है, क्योंकि अब सभी की उम्मीदें आपसे जुड़ जाती हैं।

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