लखनऊ। देश की अग्रणी ऊर्जा कंपनी पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड सीएसआर पहल के अंतर्गत साईं शिंजिनी अकादमी आॅफ फाइन आर्ट्स एंड कल्चर द्वारा लखनऊ में कथा रंग नामक शास्त्रीय संगीत, कत्थक नृत्य एवं चित्रकला की एक नि:शुल्क कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन की औपचारिक घोषणा आज प्रेस क्लब, लखनऊ में आयोजित पत्रकार वार्ता में की गई, जिसे अकादमी की अध्यक्षा अनीता कुलकर्णी ने संबोधित किया।
पत्रकार वार्ता में अनीता कुलकर्णी ने कहा कि कथा रंग जैसी पहलों का उद्देश्य वंचित एवं नवोदित प्रतिभाओं को भारतीय कला और संस्कृति की समृद्ध विरासत से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि अकादमी विगत नौ वर्षों में देश-विदेश के 900 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित कर चुकी है और पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड के सहयोग से लखनऊ के वंचित युवाओं तक यह अवसर पहुंचाना अकादमी के लिए गर्व की बात है।
कार्यशाला 1 अगस्त से 6 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन प्रात: 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक राजकीय जुबली इंटर कॉलेज, सिटी स्टेशन, सुभाष मार्ग, लखनऊ में आयोजित होगी। 7 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के प्रतिभागी इसमें पूर्णत: नि:शुल्क भाग ले सकते हैं। कार्यशाला का समापन 7 अगस्त 2026 को कला मंडपम सभागार, भातखंडे विश्वविद्यालय, कैसर बाग, लखनऊ में होगा।
विशिष्ट मेंटर्स सिखाएंगे बारीकियां
कार्यशाला में देश के तीन विशिष्ट कलाकार छात्रों को प्रशिक्षित करेंगे। पद्म विभूषण पं. बिरजू महाराज की नातिन एवं शिष्या शिंजिनी कुलकर्णी अब तक 900 से अधिक छात्रों को कथक की शिक्षा दे चुकी हैं और फिल्मों में कथक नृत्य दृश्यों का निर्देशन भी कर चुकी हैं। भारत के प्रमुख कला महाविद्यालय से फाइन आर्ट्स में स्नातकोत्तर संजीब गोगोई को चित्रकला शिक्षण का 25 वर्षों से अधिक अनुभव है और उनकी यथार्थवादी पेंटिंग्स को विश्वभर में सराहना मिल चुकी है। वहीं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संगीतकार इकबाल हुसैन शास्त्रीय संगीत में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं और देश-विदेश के मंचों पर प्रस्तुति दे चुके हैं। कार्यशाला में भाग लेने वाले छात्रों को देश के शीर्ष मेंटर्स से सीधे सीखने, छठे दिन भव्य समापन में शामिल होने और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ मंच साझा करने का अवसर मिलेगा। शास्त्रीय संगीत के दिग्गज कलाकारों द्वारा प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे, चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को आकर्षक नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। आयोजकों का लक्ष्य नृत्य एवं चित्रकला दोनों ही क्षेत्रों में प्रत्येक में 100 छात्रों की नींव तैयार करना है, जिसके लिए प्रशिक्षक-प्रतिभागी पद्धति अपनाई गई है।
साईं शिंजिनी अकादमी के बारे में
साईं शिंजिनी अकादमी आॅफ फाइन आर्ट्स एंड कल्चर की स्थापना मई 2013 में हुई थी और यह चित्रकला, मूर्तिकला, फोटोग्राफी, संगीत, नृत्य, थिएटर एवं योग जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देती है। अकादमी एनजीओ साईं विद्या निकेतन के सहयोग से 100 से अधिक वंचित छात्रों को नि:शुल्क प्रशिक्षण भी दे रही है। अकादमी की अध्यक्षा अनीता कुलकर्णी पद्म विभूषण पं. बिरजू महाराज की पुत्री तथा भारतीय समकालीन कला जगत की प्रतिष्ठित मूर्तिकार एवं चित्रकार हैं, जो 1988 से शिक्षा जगत से जुड़ी हैं।





