लखनऊ। उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को लखनऊ स्थित इंदिरा भवन में आयोग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक से पूर्व अध्यक्ष द्वारा आयोग की वर्ष 2020 से 2025 तक की उपलब्धियों पर आधारित वार्षिक रिपोर्ट पुस्तिका का विमोचन किया गया। बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली सहित सभी सदस्य उपस्थित रहे। अध्यक्ष राजेश वर्मा ने आयोग के सदस्यों से आह्वान किया कि वे ग्राम एवं जिला स्तर पर पिछड़ा वर्ग मोर्चा इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए संगोष्ठी एवं जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित करें, ताकि पिछड़े वर्गों की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने आयोग की ओर से किए जा रहे कार्यों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में आयोग की वर्तमान गतिविधियों, भविष्य की कार्ययोजना तथा आयोग की अद्यतन स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराने के लिए भेंट करने पर भी चर्चा की गई। बैठक में कहार एवं कश्यप जातियों के साथ धीवर जाति को एक ही क्रमांक पर शामिल किए जाने से संबंधित प्रकरण पर चर्चा हुई। आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण न होने के कारण इस मामले को अभी विचाराधीन रखा गया है। इसके अलावा सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा-2018 में अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को अर्हक अंकों में 5 प्रतिशत की छूट देने के विषय पर सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की गई। आयोग ने इस संबंध में शासन को संस्तुति भेजने का निर्णय लिया।
विमोचित वार्षिक रिपोर्ट पुस्तिका में वर्ष 2020 से 2025 के दौरान आयोग द्वारा किए गए कार्यों का संक्षिप्त विवरण शामिल किया गया है। साथ ही आयोग की भूमिका, विभिन्न प्रकोष्ठों की जानकारी तथा पिछड़ा वर्ग से संबंधित महत्वपूर्ण शासनादेशों को भी पुस्तिका में स्थान दिया गया है। बैठक में अन्य पिछड़ा वर्ग के उत्थान एवं विकास के लिए प्रदेश सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक शत-प्रतिशत पहुंचाया जाए। उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली ने जनसुनवाई कार्यक्रमों के दौरान सक्षम अधिकारियों की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण कई बार कार्यक्रम अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाते। इस संबंध में शासन को पत्र भेजकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का सुझाव दिया गया। बैठक में जिला एवं ग्राम स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के उपायों पर भी विचार किया गया, ताकि जनसुनवाई एवं संगोष्ठियों का संचालन प्रभावी ढंग से हो सके। अंत में आयोग के सचिव मनोज कुमार सागर ने बैठक में दिए गए सभी निदेर्शों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया।





