- यूपी के हर नागरिक को वापस लायेंगे : मुख्यमंत्री
- जल्द टेस्टिंग के लिए ट्रू नैट मशीन जैसे उपकरणों का शीघ्रता से प्रोक्योरमेंट हो
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के किसी भी कोने से उत्तर प्रदेश के नागरिकों को निशुल्क लाने की व्यवस्था की जाये। उन्होंने कहा कि रेलवे का सहयोग लेकर हर संभव मदद पहुंचाते हुए यूपी के हर नागरिक को वापस लाया जाये। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं कि प्रवासी कामगारों एवं श्रमिकों की सकुशल प्रदेश वापसी के साथ ही उन्हें क्वारंटाइन सेंटर में सुरक्षित पहुंचाया जाए।
वहां इन्हें फूड पैकेट उपलब्ध कराए जाएं। क्वारंटीन सेंटर में प्रवासी कामगारों एवं श्रमिकों की स्किल मैपिंग की जाये ताकि होम क्वारंटीन पूर्ण करने के बाद उनके रोजगार की व्यवस्था की जा सके। उन्होंने इसके तहत पात्र एवं इच्छुक लोगों के जॉब कार्ड तैयार किये जाने के भी निर्देश दिये।
कहा कि थर्मल स्क्रीनिंग के बाद स्वस्थ पाये गये प्रवासी कामगारों एवं श्रमिकों को राशन किट उपलब्ध कराते हुए होम क्वारंटाइन के लिए घर भेजा जाए। होम क्वारंटीन के दौरान इन्हें एक-एक हजार रुपये का भरण-पोषण भत्ता भी दिया जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 1018 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को लेकर प्रदेश में आ चुकी हैं। 178 ट्रेनें रास्ते में हैं।
इसके अलावा, बसों एवं अन्य साधनों से भी प्रवासी कामगार/श्रमिक आये हैं। अब तक 21 लाख से अधिक प्रवासी कामगार/श्रमिक सुरक्षित प्रदेश में पहुंच चुके हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इसी प्रकार आने वाले समय में भी प्रत्येक प्रवासी कामगार/श्रमिक को सुरक्षित उनके गृह जनपद में घर तक पहुंचाया जाए।
मुख्यमंत्री शनिवार को यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य की सीमा में प्रवेश करते ही प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को सबसे पहले भोजन व पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होम क्वारंटीन किए गए लोगों की सर्विलांस के लिए गठित निगरानी समितियों में आशा वर्कर के साथ अन्य सभी सदस्यों को सक्रिय रखा जाए। होम क्वारंटीन में रखे गए लोगों के घर के बाहर इस सम्बन्ध में अनिवार्य रूप से पोस्टर लगाये जायें। राज्य में वापस आए प्रवासी नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कर्मियों की ट्रेनिंग कराई जाए।





