नर्वदेश्वर विधि महाविद्यालय चिनहट की ओर से एक दो दिवसीय लक्ष्मी देवी स्मृति में सेमिनार का आयोजन अरावली श्रृंखला पर महाविद्यालय के सभागार में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आगरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर मंजूर अहमद ने की। मुख्य अतिथि के रूप में लखनऊ विश्वविद्यालय भूगर्भ विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर के के अग्रवाल उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतीत के रूप में डॉक्टर दिनेश बाबू गौतम पूर्व कुलपति एवं विधि संकाय अध्यक्ष श्री कृष्णा विश्वविद्यालय छतरपुर मध्य प्रदेश से रहे।
इस अवसर पर कई विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों के शिक्षाविदों ने भाग लिया महाविद्यालय के संस्थापक एवं प्रबंधक श्री नरेंद्र मणि त्रिपाठी व प्रोफेसर दुर्गेश मणि त्रिपाठी व मुख्य कार्य अधिकारी डॉ दीप्ति मणि त्रिपाठी विधि महाविद्यालय के प्राचार्य श्री सी के शुक्ल तथा कार्यक्रम के संयोजक व नर्वदेश्वर डिग्री कल के प्राचार्य डॉक्टर देवेंद्र प्रताप बहादुर श्रीवास्तव जी ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया।

इस राष्ट्रीय सेमिनार में एमिटी विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर कुमारी मुद्रा सिंह शिया पीजी कॉलेज से डॉक्टर प्रीति मिश्रा डॉक्टर नरेन जड़ी लखनऊ विश्वविद्यालय राजनीति विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर संजय गुप्ता मदन मोहन मालवीय तकनीकी विश्वविद्यालय के डॉक्टर दम पांडे मौलाना आजाद उर्दू विश्वविद्यालय लखनऊ से डॉक्टर मसीहुद्दीन खान डॉक्टर हरीश सिंह प्राचार्य पुखरायां पीजी कॉलेज कानपुर, मुमताज़ डिग्री कॉलेज के डॉक्टर मदनी अंसारी डॉक्टर शमशेर खान प्राचार्य आदर्श पीजी कॉलेज बाराबंकी प्रोफेसर डॉ प्रवीण कुमार माथुर अंबालिका इंस्टिट्यूट इंस्टिट्यूट लखनऊ शोध छात्र विक्रांत विश्वविद्यालय डॉक्टर प्रमोद चौधरी डॉक्टर नुज़हत फातिमा करामात महाविद्यालय, डॉक्टर माही तलत सिद्दीकी डायरेक्टर भाषा प्रसार विभाग यूनाइटेड किंगडम, असरार अहमद भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा कक्ष प्रभारी, मोहम्मद आफाक डॉक्टर सरवत ताकि, शिया पीजी कॉलेज से पूर्व रसायन विभाग अध्यक्ष इसके अतिरिक्त नर्वदेश्वर विधि महाविद्यालय की सहायक प्रवक्ता डॉ रमेश प्रताप शुक्ला कुमारी, अमिताभ चौधरी कुमारी वर्षा मिश्रा कुमारी पूर्वी चौधरी व महाविद्यालय की छात्राएं वैभवी मिश्रा महिमा सिंह सादिक अली वात्सल्य उपाध्याय तरुण खन्ना आदि ने इस कार्यक्रम में सहयोग दिया।

इस सेमिनार में वक्ताओं ने विषय अरावली पहाड़ियों के संदर्भ में सतत विकास के लिए कानूनी और नीतिगत ढांचे शीर्षक पर वक्ताओं ने बोलते हुए कहा माननीय उच्चतम न्यायालय के हाली निर्णय पर अपने विचार विमर्श प्रस्तुत किया।





