लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिले में फसलों को हुए नुकसान का तत्काल आकलन करते हुए शासन को आख्या उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शुक्रवार दूसरे दिन भी हुई ओलावृष्टि और बारिश से किसानों की मुसीबत बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि जन हानि, पशु हानि एवं मकान क्षति से प्रभावित व्यक्तियों को 24 घण्टे के भीतर सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने राज्य आपदा मोचक निधि के दिशा-निर्देशो के अनुरूप पीड़ितों को अनुमन्य वित्तीय मदद उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शाहजहांपुर में शुक्रवार को जिले की तहसील कलान में आकाशीय बिजली से हुई 2 जनहानि की सूचना का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी शाहजहांपुर को निर्देशित किया है कि मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की राहत धनराशि तत्काल प्रदान की जाए।
सरकार से मिली जानकारी के अनुसार 1 से 6 मार्च के बीच वर्षा व ओलावृष्टि से 7 जिलों में 237374 किसानों की कुल 172001.8 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। अभी तक तीन जिलों सोनभद्र, जालौन व सीतापुर में 1819.32 हेक्टेयर क्षेत्र में 33 प्रतिशत भारत सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक फसल क्षति की सूचना प्राप्त हुई है। फसल क्षति के सापेक्ष 5853 किसानों को 179.53 लाख की कृषि निवेश अनुदान राशि देय है, जिसके सापेक्ष 1955 किसानों को 35.95 लाख की धनराशि वितरित की जा चुकी है।
शेष किसानों को कृषि निवेश अनुदान राशि वितरित किये जाने के लिए कार्यवाही की जा रही है। जिलों से प्राप्त सूचना के अनुसार अवशेष 68 जिलों में कोई फसल क्षति नहीं हुई है। वर्ष 2019-20 में जिलों को ओलावृष्टि के लिए 24.49 करोड़ की धनराशि अग्रिम रूप में आवंटित की जा चुकी है।





