लखनऊ। जून का महीने में इस बार कई प्रमुख व्रत त्योहार आने वाले हैं। इस महीने में ज्येष्ठ मास के कई व्रत त्योहार जैसे वट पूर्णिमा, निर्जला एकादशी सहित कई प्रमुख त्योहार होंगे साथ ही इस महीने कई बड़े मेले जैसे अंबुबाची मेला कामाख्या देवी मंदिर पर आयोजित किया जाएगा। जून में ही आषाढ़ मास का आरंभ भी होने जा रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं जून महीने के प्रमुख व्रत त्योहार कौन से हैं।
विभुवन संकष्टी व्रत 3 जून
हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर गणपति बप्पा की विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही विधिपूर्वक व्रत भी किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, विभुवन संकष्टी चतुर्थी के दिन गणेश जी की पूजा करने से सभी विघ्न दूर होते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ (अधिक) माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरूआत 03 जून को रात 09 बजकर 21 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 04 जून को रात 11 बजकर 30 मिनट पर होगा। ऐसे में 03 जून को विभुवन संकष्टी चतुर्थी मनाई जाएगी।
परमा एकादशी व्रत 11 जून
परमा एकादशी का व्रत 11 जून को रखा जाएगा मान्यता है कि अधिक मास में आने वाली इस एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को आर्थिक तंगी दूर होती है। मान्यता है कि इस व्रत को करने वालों को अश्वमेध यज्ञ करने के समान फल प्राप्त होता है।
सोमवती अमावस्या 15 जून
जून के महीने में अमावस्या तिथि 15 जून को रहेगी। इस दिन सोमवार भी है। ऐसे में इसे सोमवती अमावस्या के नाम से जाना जाएगा। मान्यता है कि इस दिन पितरों के नाम से तर्पण आदि करने से व्यक्ति को लाभ प्राप्त होता है। पितरों की कृपा भी बनी रहती है।
रंभा तृतीया व्रत 17 जून
रंभा तृतीया व्रत 17 जून को रखा जाएगा। मान्यता है कि इस व्रत को करने से सौंदर्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही विवाहित महिलाएं अपनी पति की लंबी आयु के लिए सुख समृद्धि के लिए यह व्रत को करती हैं। वहीं, कुंवारी कन्याएं भी यह व्रत रखती हैं। अच्छे जीवनसाथी की कामना करके वह यह व्रत करती हैं।
विंध्यवासिनी पूजा 20 जून
मां विंध्यवासिनी की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि मां विंध्यवासिनी मां दुर्गा का साक्षात और जागृत स्वरुप हैं। मां विंध्यवासिनी अपने भक्तों को भय से मुक्त रखती हैं। साथ ही मनोवांछित फल प्राप्त होता है। ऐसा कहा जाता है कि अगर आपके शत्रु आप पर हावी हो रहे हैं तो मां विंध्यवासिनी की पूजा करनी चाहिए।
श्री दुर्गाष्टमी, धूमावती जयंती 22 जून
मां दुर्गा की उपासना के लिए दुर्गा अष्टमी तिथि को बहुत ही शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन मां दुर्गा की उपासना और व्रत करने से सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
निर्जला एकादशी व्रत 25 जून
निर्जला एकादशी जिसे भीमसेनी एकादशी और पांडव एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस एकादशी को सभी एकादशियों में सबसे सर्वश्रेष्ठ माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन बिना अन्न जल के ही उपवास किया जाता है। मान्यता है कि सिर्फ इस एक एकादशी का व्रत करने से सभी एकादशियों को करने का पुण्य प्राप्त होता है।
वट पूर्णिमा व्रत – 29 जून
वट पूर्णिमा का व्रत सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती है। इस दिन वट वृक्ष की पूजा की जाती है। बता दें कि वट पूर्णिमा का व्रत देश के कुछ ही हिस्सों में मनाया जाता है।
संत कबीर जयंती – 29 जून
संत कबीर दास जी के जन्म का उत्सव ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस दिन संत कबीर दास जी का जन्म हुआ था।
जून में गुरु और बुध समेत 5 बड़े ग्रह बदलेंगे चाल
लखनऊ। जून का महीना ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत ही शानदार रहने वाला है। इस महीने में गुरु से लेकर शुक्र, सूर्य, मंगल और बुध जैसे बड़े ग्रह राशि परिवर्तन करते दिखेंगे। ग्रहों की बदलती चाल का असर करियर से लेकर पैसों और लव लाइफ पर खूब दिखेगा। इस दौरान नए मौके मिलेंगे। नए लोग मिलेंगे। वहीं कुछ लोगों को कोई भी फैसला लेने वक्त सावधानी ही बरतनी है नहीं तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
गुरु गोचर से शुरू होगा गोल्डन टाइम
जून की शुरूआत में गुरु राशि परिवर्तन करेंगे। 2 जून को गुरु कर्क राशि में जाएंगे। ज्योतिष शास्त्र में कर्क को गुरु की उच्च राशि माना जाता है। ऐसे में ये गोचर करियर से लेकर पर्सनल लाइफ में सब कुछ ट्रैक पर वापस लाएगा। कुछ लोगों को नए मौके मिलेंगे तो वहीं लोगों के रिश्ते मजबूत होंगे या कई लोग नए रिश्ते में बंधते दिखेंगे।
शुक्र गोचर से आएगा रिश्तों में सुधार
8 जून की तारीख ज्योतिषीय लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होने जा रही है। इस दिन शुक्र चंद्रमा की राशि कर्क में गोचर करेंगे। शुक्र प्यार, पैसा और लग्जरी का कारक माना जाता है। ऐसे में इस गोचर से रिश्तों में सुधार आता दिखेगा। कई लोग अपने पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताएंगे। वहीं परिवार के साथ भी बॉन्डिंग अच्छी होगी। इस दौरान पैसों से जुड़े फैसले काफी महत्वपूर्ण रखेंगे।
सूर्य के गोचर से बढ़ेगा कॉन्फिडेंस
जून के महीने में सूर्य का गोचर होगा। 15 जून को सूर्य मिथुन राशि में जाएंगे। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को हमेशा कॉन्फिडेंस और लीडरशिप का कारक माना जाता है। ऐसे में इस गोचर के प्रभाव से कई लोगों को प्रोफेशनल लाइफ में अच्छे मौके मिलेंगे। वहीं इसके प्रभाव से इमेज और भी मजबूज बनेगी।
मंगल गोचर से पूरे होंगे अटके हुए काम
मंगल 21 जून को शुक्र की राशि वृषभ में गोचर करने वाले हैं। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को ऊर्जा और साहस का कारक माना जाता है। इस दौरान लोगों के रुके हुए काम पूरे होंगे। खुद के अंदर एक अच्छी और नई ऊर्जा महसूस होग। बस इस दौरान जल्दबाजी या फिर गुस्सा नहीं करना है।
महीने के अंत में बुध बढ़ाएंगे चुनौतियां
ज्योतिषीय गणना के अनुसार बुध ग्रह 22 जून को मिथुन से लेकर कर्क राशि में गोचर करेंगे। इस दौरान अपनी फीलिंग्स खुलकर कह पाना आसान होगा और रिश्तों में अपनापन भी बढ़ेगा। इसके ठीक 7 दिन बाद यानी 29 जून को बुध वक्री चाल चलेंगे। इस दौरान पैसों से जुड़े मामले में सतर्क रहना जरूरी होगा। कोई भी फैसला जल्दबाजी में लेना नुकसान पहुंचा सकता है।





