लखनऊ। आदि गंगा मां गोमती के पावन तट पर आज संध्याकाल भक्ति, पर्यावरण और सामाजिक चेतना का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। मनकामेश्वर मंदिर की पीठाधीश्वर पूज्य महंत देव्या गिरि जी महाराज के पावन सानिध्य में मां गोमती की भव्य महाआरती अत्यंत गरिमामय ढंग से संपन्न हुई। आज का यह पावन अवसर इसलिए भी अत्यंत विशेष रहा क्योंकि आज देश की महान शासिका, सनातन संस्कृति की रक्षक और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की पावन जयंती भी है। इस दोहरे संयोग पर जहाँ घाट को स्वच्छ कर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया गया, वहीं जरूरतमंदों के लिए विशाल भंडारे (भोजन प्रसाद) का भी आयोजन हुआ।
लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को नमन और महंत जी का बेबाक संदेश:
महाआरती के उपरांत विशाल जनसमुदाय को संबोधित करते हुए पूज्य महंत देव्या गिरि जी महाराज ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन पर प्रकाश डाला और देश व समाज से जुड़े गंभीर विषयों पर अपना विशेष संदेश दिया:
अहिल्याबाई होल्कर जी से लें प्रेरणा:
महंत जी ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर नारी शक्ति, सुशासन और सनातन धर्म के पुनरुद्धार की साक्षात प्रतीक थीं। देश के कोने-कोने में मंदिरों और घाटों का जीर्णोद्धार कराने वाली लोकमाता का जीवन हमें धर्म और समाज सेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने चेताया कि पानी की बबार्दी और नदियों का प्रदूषण हमारी आने वाली पीढ़ियों को संकट में डाल देगा। जल स्रोतों को स्वच्छ रखना ही लोकमाता को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।





