लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कल देर रात जनपद मऊ के बहुउद्देशीय भवन मंगलम में संभव ऑनलाइन शिकायत निस्तारण प्रणाली के माध्यम से व्यापक जनसुनवाई कर प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह एवं संवेदनशील शासन का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया। इस जनसुनवाई में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से जुड़े 100 से अधिक शिकायतकर्ताओं/उपभोक्ताओं ने सीधे मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं, जिनका त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण मौके पर ही सुनिश्चित किया गया।
संभव प्रणाली के माध्यम से शिकायतकर्ता और अधिकारी आमने-सामने जुड़ते हैं, जिससे न केवल पारदर्शिता बढ़ती है बल्कि समस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब भी समाप्त होता है। इस दौरान ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।जनसुनवाई के दौरान कई गंभीर मामलों में त्वरित एवं कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बाराबंकी में अत्यधिक राशि का गलत एस्टीमेट बनाए जाने पर मंत्री शर्मा ने संबंधित लाइनमैन को हटाने, जेई को तत्काल निलंबित करने तथा अधिशासी अभियंता के विरुद्ध नियम 10 के तहत कार्रवाई एवं स्थानांतरण के निर्देश दिए।आजमगढ़, बरेली, आगरा सहित अन्य जनपदों में भी दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
महाराजगंज में एस्टीमेट जमा करने के बावजूद विद्युत कनेक्शन न देने पर संबंधित अधिकारी को निलंबित करने के निर्देश दिए गए, वहीं बरेली एवं मेरठ के मामलों में भी स्पष्ट किया गया कि उपभोक्ताओं को समयबद्ध सेवाएं देना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मंत्री शर्मा ने वाराणसी के वरिष्ठ पत्रकार राजेश राय के प्रकरण में विधिक राय लेकर शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए, जबकि उन्नाव में स्मार्ट मीटर से संबंधित बिलिंग समस्या पर विशेष ध्यान देते हुए सभी उपभोक्ताओं को सही एवं समय पर बिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।ऊर्जा मंत्री ने झांसी, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर एवं मथुरा की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर निरीक्षण करने और ठोस सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि मथुरा जैसे धार्मिक एवं आस्था केंद्रों पर बिजली व्यवस्था निर्बाध एवं व्यवस्थित रहनी चाहिए।
जनसुनवाई के समापन पर मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने ग्रीष्मकाल के दृष्टिगत रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, शाम के समय अनावश्यक कटौती पूर्णतः बंद रखने तथा स्मार्ट मीटर से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ताओं के साथ संवाद बढ़ाकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान ही विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिकायतकर्ताओं ने संभव पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में अत्यंत प्रभावी और भरोसेमंद मंच बताया तथा ऊर्जा मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में अध्यक्ष आशीष गोयल, एमडी यूपीपीसीएल पंकज कुमार, एमडी ट्रांसमिशन मयूर माहेश्वरी, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी श्री शंभू कुमार सहित सभी डिस्कॉम के वरिष्ठ अधिकारी एवं सभी जनपदों के अधिकारी वर्चुअल एवं भौतिक रूप से उपस्थित रहे।





