सुंदरकांड से सभी सनातनियों का जीवन बन रहा है सुंदर
लखनऊ। अयोध्या जी तीर्थ के राम जन्मभूमि परिसर में निर्मित मां दुर्गा मंदिर पर धर्म ध्वजा का आरोहण अनुष्ठान, माता के साप्ताहिक दिवस शुक्रवार पर 29 मई को श्रद्धा और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस आयोजन को, मातृशक्ति के नाम समर्पित किया था। ऐसे पावन अवसर पर स्थानीय सनातन ध्वजवाहिका सपना गोयल जी को सुंदरकांड महा अभियान भारत वर्ष की बने पहचान के व्यापक आन्दोलन के प्रमुख के रूप में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। उन्होंने इस अवसर पर संदेश दिया कि सुंदरकांड के नियमित पाठ से सभी का जीवन सुंदर बन सकता है। यह सनातन ही नहीं राष्ट्रीय सांस्कृतिक चेतना का भी आधार है। सपना गोयल ने लखनऊ पहुंच कर संवाददाताओं को बताया कि इस ऐतिहासिक पल में श्री राम मंदिर आंदोलन की प्रखर वक्ता साध्वी ऋतंभरा और केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने मंदिर शिखर पर ध्वज फहराया। ध्वजारोहण से पूर्व राम मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला में विशेष अनुष्ठान भी आयोजित किया गया था। सपना गोयल ने बताया कि उनका एक मात्र लक्ष्य है कि संतों और ऋषियों की पावन भूमि, भारत एक बार पुन: विश्व गुरु के रूप में प्रतिष्ठित हो। भारत उत्थान के इस महा उद्देश्य की पूर्ति के लिए ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की ओर से प्रतिदिन सुंदरकांड पाठ के साथ प्रत्येक सप्ताह मंगलवार और शनिवार को नजदीकी मंदिरों में सामूहिक सुंदरकांड का आयोजन, करवाया जा रहा है। बिना किसी सरकारी या निजी सहयोग के 10 मार्च 2024 को महिला दिवस के उपलक्ष्य में सपना गोयल की अगुआई में पांच हजार से अधिक महिलाओं ने लखनऊ के झूलेलाल घाट पर सामूहिक सुंदरकांड का भव्य अनुष्ठान किया था। इस क्रम में 23 जून 2024 को पावन तीर्थ नैमिषारण्य में भव्य सामूहिक सुंदरकांड महायज्ञ का आयोजन करवाया गया था जिसमें पांच हजार महिलाओं को शामिल करवाया गया था। सपना गोयल की अगुआई में बिना किसी सरकारी मदद के रात-दिन की यात्रा करके उत्तर प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में बड़े स्तर पर सुंदरकांड महायज्ञ सम्पन्न करवाए जा चुके हैं। इस महा तीर्थाटन अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड कोटद्वार के प्राचीन सिद्धबली मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, हर की पौड़ी हरिद्वार, रुड़की महादेव मंदिर, चित्रकूट के पावन तीर्थ परिसर रामघाट, प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान मंदिर एवं कानपुर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर के गंगाजी घाट परिसर में भी भव्य सुंदरकाण्ड का पाठ सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। मथुरा स्थित भगवान कृष्ण जन्मस्थली मंदिर परिसर में भी डेढ़ हजार से अधिक मातृशक्तियों ने सामूहिक सुन्दरकांड का पाठ किया था। बीते साल 11 सितम्बर से अयोध्या तीर्थ में प्रभु राम जी के जन्मभूमि परिसर में भी, मासिक सुंदरकांड पाठ का सिलसिला शुरू हो गया है। इस क्रम में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 11 हजार महिलाओं का सामूहिक सुंदरकांड का पाठ प्रस्तावित है। सपना गोयल के अनुसार सुंदरकांड महा अभियान उत्तर प्रदेश के 42 जिलों और देश के 10 राज्यों तक पहुंच चुका है। दूसरी ओर सेवा परमो धर्म: को बीज मंत्र मानते हुए दरिद्र नारायण की सेवा के भाव से जाड़ों में कम्बल वितरण और विभिन्न पावन अवसरों पर भंडारों का आयोजन भी किया जा रहा है।





