back to top

पौष पूर्णिमा पर हुआ तहरी और खीर का दिव्य और भव्य भंडारा

लेखराज मेट्रो स्टेशन स्थित शिव शक्ति शनिदेव मंदिर परिसर में हुए इस अनुष्ठान
सेवा परमो धर्म और सुंदरकांड महा अभियान, भारत वर्ष की बने पहचान के प्रति जागरुक किया गया

लखनऊ। ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की ओर से सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल की अगुआई में सेवा परमो धर्म का संदेश देते हुए नए साल की पहली पूर्णिमा, पौष माह की पूर्णिमा पर शनिवार तीन जनवरी को लेखराज मेट्रो स्टेशन स्थित शिव शक्ति शनिदेव मंदिर परिसर में भव्य और दिव्य तहरी और खीर का भंडारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर लोगों को सुंदरकांड महा अभियान, भारत वर्ष की बने पहचान के प्रति भी जागरुक किया गया। सपना गोयल के अनुसार सुंदरकांड के परम संदेश में, सुंदर विश्व की मधुर कल्पना समाहित है। सनातन का अर्थ ही सेवा धर्म का पालन और स्व राष्ट्र से प्रेम करना है। इसीलिए सुंदरकांड विश्व को प्रेरित करता है कि हम सुंदर होंगे तो विश्व भी सुंदर हो जाएगा।
21 दिसम्बर को सपना, जन्मदिवस के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष ह्लसेवा पखवाड़ेह्व का आयोजन किया जाता है। इसके अंतर्गत लखनऊ ही नहीं आसपास के अन्य दूरस्थ क्षेत्रों तक में दरिद्र नारायण तक जाड़े से बचने के लिए कंबलों का वितरण किया जा रहा है। इस क्रम में अब चार जनवरी को गोंडा में कंबल वितरण का कार्य किया जाएगा वहीं संक्रान्ति पर किसान पथ के गांवों में भी यह महा अभियान जन के मन को सुंदरकांड के एक परम सूत्र में पिरोएगा। इस क्रम में उन्होंने बताया कि जनवरी माह के अंत में पांच हजार महिलाओं द्वारा वृहद सुंदरकांड अनुष्ठान कानपुर में किया जाएगा।
सपना गोयल के अनुसार उनका एकमात्र लक्ष्य है कि संतों और ऋषियों की पावन भूमि, भारत एक बार पुन: विश्व गुरु के रूप में प्रतिष्ठित हो। भारत उत्थान के इस महा उद्देश्य की पूर्ति हेतु ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की ओर से प्रतिदिन सुंदरकांड पाठ के साथ-साथ प्रत्येक सप्ताह मंगलवार और शनिवार को नजदीकी मंदिरों में सामूहिक सुंदरकांड का आयोजन, मातृशक्तियों द्वारा वृहद स्तर पर करवाया जा रहा है। बिना किसी सरकारी या निजी सहयोग के 10 मार्च 2024 को महिला दिवस के उपलक्ष्य में पांच हजार से अधिक मातृशक्तियों द्वारा लखनऊ के झूलेलाल घाट पर सामूहिक सुंदरकांड का भव्य अनुष्ठान सम्पन्न करवाया गया था। इस क्रम में राष्ट्रीय स्तर पर तीर्थाटन का सिलसिला भी शुरू किया गया है। इसके तहत उत्तराखंड कोटद्वार के प्राचीन सिद्धबली मंदिर, नैमिषारण्य तीर्थ, काशी विश्वनाथ मंदिर, हर की पौड़ी, रुड़की महादेव मंदिर और प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान मंदिर परिसर में भी भव्य सुंदरकाण्ड का पाठ सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। इसके साथ ही बीते साल 11 सितम्बर से अयोध्या जी में प्रभु राम जी की जन्मभूमि परिसर में भी, मासिक सुंदरकांड पाठ का सिलसिला शुरू हो गया है। जिलों से दिलों तक को जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश के बीस जिलों में सामूहिक सुंदरकांड करवाया जा चुका है।

RELATED ARTICLES

‘लखनऊ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ का आगाज

दो दिवसीय लखनऊ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का भव्य शुभारंभवरिष्ठ अभिनेता डॉ. अनिल रस्तोगी और अयूब खान ने किया उद्घाटनदर्जन भर फीचर फिल्मो की स्क्रीनिंग...

गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी

इस्कॉन भक्तों द्वारा अर्पित किये गये 56 भोगलखनऊ। इस्कॉन मन्दिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभुजी के दिशा-निर्देशन में लखनऊ एवं आस-पास के भक्तों ने श्रील...

‘स्याल्दे बिखौती मेला’ में दिखी पहाड़ों की कला-संस्कृति

महिलाओं व पुरूषों द्वारा सामूहिक झोड़ा नृत्य का जबर्दस्त प्रदर्शन कियालखनऊ। श्री रामलीला समिति पर्वतीय महापरिषद शाखा गोमती नगर के तत्वावधान में आज मंगलवार...

अक्षय तृतीया पर बनेंगे पंचमहापुरुष, त्रिपुष्कर, सर्वार्थ सिद्धि योग

लखनऊ। वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया को अक्षय तृतीया कहा जाता है। अक्षय तृतीया को परम पवित्र माना जाता है क्योंकि इस दिन किसी मुहूर्त...

‘लखनऊ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ का आगाज

दो दिवसीय लखनऊ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का भव्य शुभारंभवरिष्ठ अभिनेता डॉ. अनिल रस्तोगी और अयूब खान ने किया उद्घाटनदर्जन भर फीचर फिल्मो की स्क्रीनिंग...

मुझे अपनी फिल्मों के जरिए लोगों को हंसाना पसंद है : वरुण शर्मा

लखनऊ। पंजाब के जालंधर से आया एक लड़का, उम्र सिर्फ 35 साल है। लेकिन सपने बहुत बड़े हैं। भला हो भी क्यों ना, जिन...

एक्शन ड्रामा से भरपूर है प्रियंका चोपड़ा की फिल्म ‘द ब्लफ’

फिल्म कहानी के मोर्चे पर बहुत दमदार नहीं हैलखनऊ। प्रियंका चोपड़ा जोनस की एक्शन-थ्रलिर फिल्म 'द ब्लफ' अपनी घोषणा के बाद से ही चर्चा...

पापों का नाश करने वाली मोहिनी एकादशी 27 को, होगी श्रीहरि की पूजा

लखनऊ। एकादशी तिथि के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही विधिपूर्वक व्रत किया जाता है। वैदिक...

चराग़-ए-इल्म की पहली रौशनी — प्रोफेसर नाज़ेमा अंसारी

गुजरात की सरज़मीन, जो तहज़ीब व रिवायत की ख़ुशबू से महकती रही है, आज एक नए बाब-ए-तारीख़ की अमीन बनी। इल्म के उफ़क़ पर...