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अगर बात गलत हुई तो इस्तीफा ले लेना मेरा, सपा सदस्यों द्वारा उठाए सवाल के जवाब में बोले मंत्री
विशेष संवाददाता लखनऊ। प्रदेश के सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि हर घर जल योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में जहां भी सड़कें खोदी जा रही हैं, वहां वैसी ही सड़कें जब तक नहीं बनेंगी किसी भी
ठेकेदार का भुगतान नहीं किया जाएगा। प्रश्नप्रहर में स्वतंत्र देव सिंह सपा के लालजी वर्मा, मनोज कुमार पारस आदि के सवाल का जवाब दे रहे थे।
सपा सदस्यों ने पूछा था कि ग्रामीण क्षेत्रों में पाइल लाइन से जल सप्लाई योजना के तहत कितनी सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं और उनकी मरम्मत का काम कार्यदायी संस्था द्वारा कराने की क्या योजना है। इस पर स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि रोज 40 हजार घरों में नल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इस पर विपक्षी सदस्यों ने विरोध किया तो मंत्री ने कहा कि अगर मेरी बात गलत हुई तो मुझसे इस्तीफा ले लेना। एक अन्य सवाल के जवाब में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि प्रदेश में गिरते हुए जल स्तर की समस्या के निदान के लिए भारत सरकार द्वारा प्रदेश के 10 जिलों चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, झांसी, मुजफ्फरनगर, शामली, ललितपुर, महोबा, बागपत एवं मेरठ में अटल भूजल योजना लागू की गई है।
अटल भूजल योजना के तहत प्रदेश के अवशेष 65 जिलों को आच्छादित करते हुए उत्तर प्रदेश अटल भूजल योजना लागू की गई है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के सभी जिलों में लघु सिंचाई विभाग द्वारा चेकडैम का निर्माण एवं तालाबों का जीर्णोद्धार कराया जाता है। जल शक्ति मंत्री ने बताया कि भूजल संसाधनों की सुरक्षा, संरक्षण, प्रबन्धन एवं नियमन किये जाने के लिए ‘उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबन्धन और विनियमन) अधिनियम-2019’ है।
अधिनियम में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत समस्त सरकारी, अर्द्धसरकारी भवनों तथा सभी सरकारी सहायता प्राप्त भवनों एवं नियमानुसार निजी क्षेत्रों के 300 वर्ग मीटर एवं उससे अधिक के भवनों को अच्छादित करते हुए रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली अनिवार्य रुप से स्थापित किये जाने का प्राविधान है।
विगत वर्षों में प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में विभाग द्वारा विभागीय योजना के अन्तर्गत लगभग 2.40 लाख वर्ग मीटर क्षेत्रफल पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना की गई है एवं इस वित्तीय वर्ष 2023-24 में 50,000 वर्ग मीटर पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना की जानी है।
जल शक्ति मंत्री ने बताया कि भारत सरकार के जल शक्ति अभियान में ‘कैच द रेन’ की मुहिम चलाई गयी है, जिसके अन्तर्गत विभिन्न विभागों द्वारा अपनी-अपनी योजनाओं के अधीन वर्षा जल संचयन एवं भूगर्भ जल रिचार्ज के विभिन्न कार्य कराये जाते है, जिनमें चेकडैम का निर्माण, तालाबों का जीर्णोद्धार, आन-फार्म हार्वेस्टिंग, यथा मेढ़बन्धी, रूफटाप रेनवाटर हार्वेस्टिंग आदि संरचनाओं के कार्य सम्मिलित है।





