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भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय में प्रतिभागियों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

विविध शैक्षणिक एवं खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन
लखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा 16वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में, राजभवन, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह एवं कुलसचिव एस. पी. सिंह के मार्गदर्शन में समस्त कार्यक्रम संपन्न हुए। कार्यक्रम के अंतर्गत निबंध लेखन एवं काव्य लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन विश्वविद्यालय की अतिथि शिक्षिका डॉ. एकता वर्मा एवं चाँदनी यादव की देखरेख में किया गया। निबंध लेखन हेतु निर्धारित विषयभारत विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था कैसे बना ,राज्य सरकार के दो अच्छे कार्य , भारत सरकार के दो अच्छे कार्य , पिछले 10 वर्षों में चिकित्सा, कृषि, शिक्षा एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हुए विशिष्ट कार्य निम्नवत् रहे। इसी क्रम में काव्य लेखन प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को निम्न विषय प्रदान किए गए जिनमें लखनऊ शहर की एक सुबह , गुम्बदों पर उगता सूरज , आषाढ़ मास की पहली बारिश , संगीत की धुन पर थिरकता मानव मन।
चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन लोक कला एवं लोक संस्कृति विषय पर विश्वविद्यालय की अतिथि शिक्षिका डॉ. काजल ओझा के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी सृजनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त, पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन डॉ. ज्ञान सिंह पटेल की देखरेख में किया गया। इन खेलों में नींबू-चम्मच दौड़, लंगड़ी दौड़, खो-खो, रस्साकशी एवं कबड्डी जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा का परिचय दिया। साथ ही, राजभवन के निदेर्शानुसार प्लास्टिक मुक्त अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर को प्लास्टिक मुक्त बनाने हेतु जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने हस्ताक्षर पटल पर हस्ताक्षर करने के साथ-साथ प्लास्टिक मुक्त परिसर बनाए रखने की शपथ ली तथा सिंगल यूज प्लास्टिक हटाओ अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति, सभी विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने बताया कि कुलाधिपति के निदेर्शानुसार आयोजित इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं तथा उनमें रचनात्मकता, सामाजिक जागरूकता एवं सांस्कृतिक संवेदनशीलता का विकास करती हैं। विश्वविद्यालय के कुलसचिव एस. पी. सिंह ने विद्यार्थियों को ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने हेतु प्रेरित किया।दीक्षांत समारोह की संयोजक प्रो. सृष्टि माथुर ने बताया कि दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में कुलाधिपति के निदेर्शानुसार एवं कुलपति महोदया के मार्गदर्शन में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्राप्त हो रहा है।

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