हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया
लखनऊ। काकोरी स्थित भगवान पारसनाथ धाम में आयोजित श्री 1008 भगवान आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत रविवार को ‘ज्ञान कल्याणक महोत्सव’ अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस दिव्य आयोजन में देशभर से पधारे हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया।
प्रात:कालीन मंगल अनुष्ठान और गुरुवाणी कार्यक्रम का शुभारंभ प्रात:काल भगवान के अभिषेक, शांतिधारा, नित्य नियम पूजन एवं ज्ञान कल्याणक पूजन के साथ हुआ। इसके उपरांत परम पूज्य आचार्य श्री 108 विशुद्धसागर जी महाराज के मंगल प्रवचन हुए, जिसका श्रवण कर भक्त भाव-विभोर हो गए। तत्पश्चात तीर्थंकर मुनिराज की आहारचर्या का पुण्य दृश्य उपस्थित हुआ। केवलज्ञान से गुंजायमान हुआ परिसर दोपहर के सत्र में आचार्य संघ के पावन सान्निध्य में केवलज्ञान से संबंधित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधानपूर्वक संपन्न किए गए। इसमें मुख्य रूप से कल्याण माला एवं संस्कार माला रोपण अंकन्यास, मंत्रन्यास और अधिवासना विधि नाभि तिलकदान और नयनोन्मीलन, प्राण प्रतिष्ठा मंत्र एवं सूर्य मंत्र विधान दोपहर 3 बजे आयोजित भव्य समवशरण की सजीव प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। चतुर्निकाय देवों का आगमन, चक्रवर्ती भरत द्वारा की गई समवशरण महापूजा और भगवान की ‘दिव्य ध्वनि’ का मंचन इस कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण रहा। इस मौके पर चातुर्मास हेतु श्रीफल अर्पण का तांता महोत्सव का सबसे भावुक और विशेष क्षण वह था, जब देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने पूज्य गुरुदेव के श्रीचरणों में आगामी चातुर्मास हेतु श्रद्धापूर्वक श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरुभक्ति का यह दृश्य अद्भुत था। इस मौके पर संजीव जैन, संदीप जैन, अदीश जैन, विकास जैन, रितेश जैन, विशाल जैन, अभिषेक जैन, नितिन जैन, ऋषभ जैन, रोहित जैन, अखिलेश जैन, रिंकू जैन, रितेश जैन मौजूद रहे। शाम को महाआरती, शास्त्रसभा, अतिथि सम्मान के साथ-साथ महिला मंडल द्वारा भक्तिमय एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुंदर प्रस्तुतियां दी गईं।





