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एसोसिएशन ऑफ फिजीशियन ऑफ इंडिया (ए.पी.आई.) लखनऊ ब्रांच का एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित

लखनऊ, 24 नवंबर 2024:
एसोसिएशन ऑफ फिजीशियन ऑफ इंडिया (ए.पी.आई.) की लखनऊ ब्रांच ने एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया, जिसमें लखनऊ और आसपास के शहरों के चिकित्सकों और स्नातकोत्तर चिकित्सकों ने भाग लिया। इस सम्मेलन में 350 से अधिक चिकित्सक, जिनमें लखनऊ, कानपुर, रायबरेली, सीतापुर, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोरखपुर और फतेहपुर के विख्यात डॉक्टर शामिल थे, उपस्थित रहे।

मुख्य आकर्षण:

सम्मेलन में ज्वलंत स्वास्थ्य समस्याओं पर चर्चा करने के लिए देश के जाने-माने विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। इसके साथ ही चार विषयों पर विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।

कार्यशालाओं के विषय:

  1. एम्बुलेटरी ब्लड प्रेशर का मापन
  2. ऑक्सीजन थेरेपी
  3. निरंतर ग्लूकोज मापन (सी.जी.एम)
  4. स्वचालित बाह्य डिफिब्रिलेटर विधि

इन कार्यशालाओं का संचालन डॉक्टर निशांत कनौजिया, डॉक्टर अक्षय प्रधान, डॉक्टर के.पी. चंद्रा, डॉक्टर निखिल गुप्ता, डॉक्टर मानसी गुप्ता और डॉक्टर अरुण पांडे ने किया।

विशेषज्ञों के व्याख्यान:

  • डॉ. मंगेश तिवास्कर: हाइपोग्लाइसीमिया और इसके उपचार पर जानकारी।
  • डॉ. अगम वोहरा: 2024 के वयस्क टीकाकरण दिशा-निर्देश।
  • डॉ. नकुल सिन्हा (पूर्व एस.जी.पी.जी.आई): प्रतिरोधी रक्तचाप (रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन) पर व्याख्यान।
  • डॉ. आदित्य कपूर (एस.जी.पी.जी.आई): अनियमित हृदयगति के निदान और उपचार पर चर्चा।
  • डॉ. ए.के. त्रिपाठी: ब्लड कैंसर (सी.एम.एल.) के उपचार पर जानकारी।
  • डॉ. अमित गुप्ता: गुर्दे के रोग में इलेक्ट्रोलाइट्स की उपयोगिता।

सम्मेलन की अध्यक्षता:

चेयरमैन डॉ. संजय टंडन ने हाइपोग्लाइसीमिया से जुड़ी समस्याओं की गंभीरता पर प्रकाश डाला, विशेषकर उन मरीजों में जिनको डायबिटीज नहीं है।

सेक्रेटरी डॉ. निरुपम प्रकाश ने वयस्कों के लिए 2024 के टीकाकरण दिशानिर्देशों की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि ए.पी.आई. लखनऊ ब्रांच ब्लड शुगर, मोटापा और हृदय रोग जैसी बीमारियों के उपचार के लिए जागरूकता, प्रशिक्षण, और शोध कार्यों में निरंतर योगदान दे रही है।

सम्मेलन में विशेष उपस्थिति:

इस कार्यक्रम में डॉ. सी.जी. अग्रवाल, डॉ. आर.के. सरन, डॉ. अतुल मेहरोत्रा, डॉ. राजीव अवस्थी, और डॉ. अमित गोयल ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए।
डॉ. आर.सी. आहूजा, डॉ. अशोक चंद्रा, डॉ. वीरेंद्र सिंह, डॉ. पुनीत मेहरोत्रा, और अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों की उपस्थिति ने इस सम्मेलन को गौरवान्वित किया।

निष्कर्ष:

यह सम्मेलन स्वास्थ्य क्षेत्र में नई दिशाओं और उपचार तकनीकों पर ज्ञान साझा करने का महत्वपूर्ण अवसर बना। सम्मेलन ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर जागरूकता बढ़ाने और प्रशिक्षण प्रदान करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया।

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