इंदिरा नगर जैन मंदिर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
लखनऊ। गणाचार्य विराग सागर जी महामुनिराज से दीक्षित आर्यिका 105 विविक्त श्री माताजी की संघस्थ आर्यिका 105 वियोजना माताजी का 16वाँ दीक्षा दिवस (गुरु उपकार दिवस) इंदिरा नगर जैन मंदिर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
इस पावन अवसर पर आर्यिका संघ द्वारा आचार्य श्री के चरणों का प्रक्षालन किया गया। साथ ही भक्तों द्वारा वियोजना श्री माताजी का पाद प्रक्षालन कर उन्हें ज्ञान का उपकरण (शास्त्र) भेंट किया गया। यह सौभाग्य ऊषा जैन एवं धन्य कुमार जैन को प्राप्त हुआ। प्रवचन मे माताजी ने कहा, बिना संयम के जीवन पशु के समान है। छोटे-छोटे नियम ही एक दिन बड़े बनते हैं, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में कोई न कोई नियम अवश्य लेना चाहिए। उन्होंने प्राणी मात्र के प्रति बुरा न सोचने के संकल्प को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में अभिषेक जैन, ऋषभ जैन, अनुरोध, अपर्णा, शिप्रा, सनत, अरविंद, अभय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।





