ईश्वर के प्रति अडिग विश्वास के प्रतीक है भक्त प्रह्लाद : विनोदानंद शास्त्री जी महाराज
- श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन
लखनऊ। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन 4 से 12 जुलाई तक गोमती नगर वास्तु खंड तीन के श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर पार्क परिसर में किया जा रहा है। इस श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथा व्यास, नैमिष चक्र तीर्थ धाम वाले विनोदानंद शास्त्री जी महाराज है जबकि मुख्य यजमान स्वयं हनुमान जी महाराज और स्वागतकांक्षी शान्ति देवी जी है। शास्त्री जी बीते पन्द्रह वर्षों से कथा ज्ञान यज्ञ के माध्यम से संस्कार प्रदान कर रहे हैं। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन मंगलवार सात जुलाई को विनोदानंद शास्त्री जी महाराज ने भक्तों को संदेश दिया कि सच्ची भक्ति, अडिग विश्वास और ईश्वर के प्रति निस्वार्थ प्रेम का प्रतीक भक्त प्रह्लाद हैं। उनका सबसे बड़ा संदेश यह है कि ईश्वर का स्मरण किसी भी उम्र में किया जा सकता है भले ही वह बाल्यावस्था ही क्यों न हो। सच्ची भक्ति के लिए सांसारिक प्रलोभनों या आयु की कोई आवश्यकता नहीं होती। इस अवसर पर आरती-पूजन में भी बड़ी संख्या में भक्तगण एकत्रित हुए। कथा व्यास गद्दी मंच की भव्य सज्जा सभी भक्तों को दिव्यता से सराबोर कर रही है। भजनों के क्रम में आगंतुकों ने ह्लदया कर दान भक्ति का हमें परमात्मा देना का सरस रसपान किया। इस मनभावन भजन के उपरांत उन्होंने भजन अरदास यही इस दास की है प्रभु इतनी कृपा बरसा जाना सुनाया तो भक्तगण आनंद से झूम उठे।





