चिड़ियाघर -गर्मी का तापमान बढ़ते देख पशु-पक्षियो के खानपान में बदलाव किया गया
लखनऊ। भीषण गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि बेजुबानों पर भी साफ दिख रहा है। सोमवार को तापमान चढ़ा तो जू के जानवरों को 42 डिग्री तापमान में राहत देने के लिए बर्फ की सिल्लियां लगाई गईं। पशु-पक्षियों को खाने में पानी वाले फल दिए गए। जहां गोरिल्ला तरबूज खा रहा है तो भालू को खीरा दिया जा रहा है। ऐसे में चिड़ियाघर में प्रशासन ने जानवरों के लिए खास इंतजाम किए हैं।
चिड़ियाघर में खास इंतजाम
चिड़ियाघर में 1100 से ज्यादा पशु-पक्षी हैं। इन्हें तापमान के हिसाब से ठंडा रखने के लिए 48 स्प्रिंकलर लगाए गए हैं, जो फव्वारे की तरह पानी का छिड़काव कर बाड़ों को ठंडा रखते हैं और जानवरों को राहत पहुंचाते हैं। चिड़ियाघर में बने तालाबों की मरम्मत कर उनमें ठंडा पानी भरा गया है, ताकि जानवर उसमें स्नान कर सकें। पक्षियों के लिए विशेष रूप से हरे पर्दे लगाए गए हैं, जिससे उन्हें तेज धूप और गर्मी से बचाया जा सके। इसके अलावा, पक्षियों के कवर्ड बाड़ों में छप्पर और नरकुल बिछाए गए हैं। वहीं टाइगर और लायन जैसे जानवरों के लिए कूलर लगाए गए हैं।
खाने में शामिल किए गए पानी वाले फल
गर्मी को देखते हुए जानवरों के खान-पान में भी बदलाव किया गया है। चिड़ियाघर में तीन डॉक्टरों की टीम सहित पूरी वेटरिनरी टीम लगातार जानवरों की सेहत पर नजर बनाए हुए है। उनकी देखरेख में शाकाहारी जानवरों के भोजन में अधिक पानी वाले फलों को शामिल किया गया है, जैसे मौसंबी, खीरा और ककड़ी।
स्प्रिंकलर लगाए गए हैं
इस मौके पर लखनऊ प्राणी उद्यान के निदेशक संजय कुमार बिस्वाल ने बताया कि जैसे-जैसे तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है, उसे ध्यान में रखते हुए यहां व्यवस्थाएं की गई हैं। खासकर स्प्रिंकलर सिस्टम लगाया गया है। कुल 48 स्प्रिंकलर लगाए गए हैं, जो फव्वारे की तरह पानी का छिड़काव कर जानवरों के बाड़ों (एनक्लोजर) को ठंडा रखते हैं। इसके अलावा, जो कवर्ड बाड़े हैं, जैसे पक्षियों (बर्ड्स) के, उनमें छप्पर और नरकुल बिछाए गए हैं ताकि तापमान कम रखा जा सके। बड़े जानवरों के लिए भी हर जगह पर्याप्त पानी की व्यवस्था की गई है। साथ ही टाइगर और लायन जैसे बड़े जानवरों के लिए कूलर की व्यवस्था भी की गई है। गर्मी से राहत देने के लिए उनके खान-पान में भी बदलाव किया गया है।
भोजन में फलों को शामिल किया गया
प्राणी उद्यान में तीन डॉक्टरों की टीम सहित पूरी वेटरिनरी टीम लगातार जानवरों की निगरानी कर रही है। उनकी देखरेख में शाकाहारी जानवरों के भोजन में अधिक पानी वाले फलों को शामिल किया गया है, जैसे मौसंबी, खीरा और ककड़ी। पहले जहां सेब जैसे फल दिए जाते थे, अब उनकी जगह ज्यादा पानी वाले फल दिए जा रहे हैं।
दर्शकों के लिए सुविधाएं
जू में जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए कई इंतजाम किए गए हैं, वहीं घूमने आने वाले दर्शकों की सुविधाओं का भी ख्याल रखा गया है।
संजय कुमार विश्वाल, निदेशक
नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान





