सूर्य ग्रहण कि अवधि लगभग 06 मिनट और 23 सेकेंड के लिए मानी जा रही
लखनऊ। साल 2027 में अद्भुत सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि ये सूर्य ग्रहण इस सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण लगने वाला है। इस सूर्य ग्रहण कि घटना घटित होने में अभी 1 साल का समय बाकी है। इस सूर्य ग्रहण को कुछ देशों में देखा जा सकेगा। इस ग्रहण कि अवधि काफी लंबी मानी जा रही है। यह अद्भुत सूर्य ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण कहलाएगा। ज्योतिष गणना के अनुसार, सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण साल 2027 में लगने जा रहा है। ये खगोलीय घटना अगस्त के महीने में 2 तारीख को होने जा रही है। इस सूर्य ग्रहण कि अवधि लगभग 06 मिनट और 23 सेकेंड के लिए मानी जा रही है। आमतौर पर पूर्ण सूर्य ग्रहण की अवधि 3 मिनट तक रहती है। साइंटिस्ट के अनुसार, यह दुर्लभ सूर्य ग्रहण सबसे लंबा सूर्य ग्रहण है, जो साल 1991 से लेकर साल 2114 के दौरान लगने वाले सूर्य ग्रहण में से सबसे बड़ा ग्रहण साबित होगा।
कैसे लगता है सूर्य ग्रहण?
सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है। इस सिचूऐशन में चंद्रमा सूर्य की रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने से रोक देता है और धरती के कुछ हिस्सों पर अपनी परछाई डालता है। वैज्ञानिक रूप से, यह ग्रहण केवल अमावस्या के दिन ही संभव है, क्योंकि इसी दिन चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच की रेखा में आता है।
सूर्य ग्रहण कितने प्रकार के होते हैं?
ग्रहण हमेशा एक जैसा नहीं दिखता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि चंद्रमा पृथ्वी से कितनी दूर है और वह सूर्य को कितना ढक रहा है। सूर्य ग्रहण तीन प्रकार के माने गए हैं।
पूर्ण सूर्य ग्रहण
इस ग्रहण में चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है, जिससे दिन में अंधेरा छा जाता है। इस दौरान सूर्य का बाहरी वातावरण, जिसे कोरोना कहते हैं, सफेद रोशनी के छल्ले की तरह दिखाई देता है।
आंशिक सूर्य ग्रहण
इसमें चंद्रमा सूर्य के केवल एक हिस्से को ढकता है, जिससे सूर्य आधे कटे हुए सेब या क्रिसेंट की तरह दिखता है।
वल्याकार सूर्य ग्रहण
जब चंद्रमा पृथ्वी से दूर होता है, तो वह आकार में छोटा दिखता है और सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाता। ऐसे में सूर्य के किनारे एक चमकती हुई अंगूठी की तरह दिखते हैं, जिसे ‘रिंग आॅफ फायर’ कहा जाता है।





