नईदिल्ली / श्रीहरिकोटा। भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और सबसे बड़े मगरमच्छ के रूप में अपना पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ लॉन्च किया। स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा इस रॉकेट को आंध्र प्रदेश के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से विकसित किया गया है। इस उपलब्धि के साथ भारत निजी क्षेत्र की मदद से ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च करने वाला दुनिया का तीसरा देश बन गया है।
‘मिशन अराइवल’ की शुरुआत करीब 24 मीटर लंबे कार्बन-कंपोजिट रॉकेट से की गई, जिसने पूरे चरण के लिए उड़ान भरने की योजना बनाई। रॉकेट ने अपने अंतिम चरण में पेलोड को लगभग 450 किमी की पृथ्वी कक्षा (एलईओ) में स्थापित किया।
तीन ठोस चरण और एक एडजस्टमेंट मॉड्यूल
‘विक्रम-1’ तीन सॉलिड फ्यूज़ल (सॉलिड फ़्यूल) स्टेज और एक टरबाइन बेस्ड ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल (OAM) से लॉन्च किया गया है। इसका उद्देश्य 350 किलोमीटर तक के पेलोड को 60 डिग्री सेल्सियस के साथ कक्षा में स्थापित करना है। उड़ान की शुरुआत में ‘कलाम-1200’ चरण ने रॉकेट को महासागर से बाहर की ओर रवाना किया, जिसके बाद क्रमशः ‘कलाम-250’ और ‘कलाम-100’ चरण ने प्रक्षेपण और गति प्रदान की। अंतिम चरण में ओएएम ने 3डी-प्रिंटेड इंजनों की मदद से रॉकेट क्लास में स्थापित किया। इस इंजन की स्थापना यह है कि इसे अंतरिक्ष में कई बार चालू और बंद किया जा सकता है, जिससे मिशन की स्थापना की जाती है।
इस पहली उड़ान में कई विशेष पेलोड शामिल थे। इनमें कॉलेज की कंपनी कॉसमॉस डायमंड्स द्वारा विकसित ‘डायमंड लोटस’ भी शामिल है, जिसने लैब में एक अनोखा प्रयोगात्मक पेलोड तैयार किया है। लॉन्च के बाद एयरोस्पेस की इंजीनियर निशिता ने इसे ऐतिहासिक पैलेस के रूप में लॉन्च किया, जिसमें कहा गया कि पहली बार किसी निजी कंपनी इंडियन ने ऑर्बिटल को लॉन्च किया है, जो देश के लिए गर्व की बात है। वहीं, मौसे पर मौजूद छात्रों ने इसे भारत के आभूषण के भविष्य का संकेत भी बताया।
प्रधानमंत्री ने दी बधाई
इस सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम से फोन पर बात कर बधाई दी। उन्होंने बिग बॉस 19 के साथ मिलकर विश्वास जताया कि भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में आने वाले समय में नई दुकान को चूमा जाएगा। स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापकों ने भी इसे भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह मिशन देश के निजी अंतरिक्ष उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।





