लखनऊ। राजधानी के अलीगंज क्षेत्र में हुए चर्चित अग्निकांड मामले में एक और कार्रवाई करते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने विहित न्यायालय में तैनात पेशकार विमलेश कुमार गौतम को निलंबित कर दिया है। प्रारंभिक जांच में दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और मामले से संबंधित अभिलेखीय प्रक्रियाओं में अनियमितताओं की आशंका के बाद यह कार्रवाई की गई है।
वर्तमान में विमलेश कुमार गौतम जोन सात विहित न्यायालय में तैनात है आरोप है कि जोन पांच में तैनाती के दौरान विमलेश ने गलत तथ्य पेश किए थे जिस वजह से बिल्डिंग के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी। एलडीए प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच पूरी होने तक विमलेश कुमार गौतम को निलंबित रखते हुए मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि अग्निकांड से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
सूत्रों के अनुसार अलीगंज अग्निकांड से जुड़े प्रकरण में कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों और न्यायालयीय प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे थे। इसी के बाद एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर मामले की समीक्षा की गई, जिसमें प्रथम दृष्टया पेशकार की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई की गई। सम्बंधित फाइल में गलत तथ्य पेश करने पर की गई इस निलंबन कार्रवाई के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
विभागीय जांच की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। बता दें अवैध रूप से बनी बिल्डिंग के खिलाफ कार्रवाई में लापरवाही बरतने के मामले में सहायक अभियंता अनिल कुमार और अवर अभियंता प्रमोद कुमार पांडेय व बेलदार हरि पाल यादव को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। मामले में दोषी पाए गए 18 अधिकारियों व इंजीनियरों के नाम भी शासन को भेजे गए हंै। इनके अलावा अन्य पर भी कार्रवाई की जानी है।





