नई दिल्ली। होर्मुज जलदमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच जारी गतिरोध का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ खुले। कमजोर वैश्विक रुझान और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच सेंसेक्स की धारणा दबाव में बनी रही।बीएसई का 30 निफ्टी वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 172.48 अंक यानी करीब 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,786.41 अंक पर आ गया। इसी तरह, एनएसई का निफ्टी 50 भी 90.35 अंक टूटकर 24,343.50 अंक पर कारोबार करता नजर आया।सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और इंफोसिस के निफ्टी में सबसे ज्यादा कमजोरी देखी गई। दूसरी ओर, इंटरग्लोब एविएशन, टेक महिंद्रा, इटरनल और NTPC के रिकवरी में तेजी रही।
अमेरिका-ईरान तनाव से इंजीनियरों में चिंता
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खत्म नहीं होने से इंजीनियरों की धारणा कमजोर बनी हुई है। होर्मुज जलदमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इस क्षेत्र में लंबे समय तक तनाव रहने की धमकी से कच्चे तेल की उपलब्धता और वैश्विक बाजारों पर नजर बनी हुई है।ईरान की ओर से जलदमरूमध्य को लंबे समय तक बंद रखने की चेतावनी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नियंत्रण संबंधी रिकवरी ने तनाव को और बढ़ाया है। हालांकि, ऐसे भू-राजनीतिक रिकवरी और उनके संभावित प्रभाव का आकलन स्वतंत्र रूप से किया जाना जरूरी है।
एशियाई बाजारों में तेजी
भारतीय बाजार में कमजोरी के विपरीत, अन्य प्रमुख एशियाई बाजारों में गुरुवार को सकारात्मक रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का KOSPI, जापान का Nikkei 225, चीन का SSE Composite और हांगकांग का Hang Seng Edge के साथ कारोबार कर रहे थे। इससे संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय बाजारों में व्यापक रूप से सकारात्मक रुख बना हुआ था, हालांकि भारत में घरेलू स्तर पर विदेशी पूंजी की निकासी और भू-राजनीतिक दबाव का दबाव अधिक दिखाई दिया।
अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद
इससे पहले बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे। हालांकि, भारतीय बाजार में भारतीयों ने वैश्विक घटनाक्रम और विदेशी पूंजी निवेशकों की बिकवाली को लेकर सतर्क रुख अपनाया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पूंजी निवेशकों (FII) ने बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में करीब 1,002.50 करोड़ रुपये के मुनाफे की शुद्ध बिकवाली की। इससे बाजार में दबाव बढ़ा।बुधवार के निफ्टी सत्र में सेंसेक्स 187.90 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था, जबकि निफ्टी में 35.75 अंक की कमजोरी दर्ज की गई थी।
ब्रेंट क्रूड 87.89 डॉलर प्रति बैरल
अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव शुरुआती कारोबार में 1.22 प्रतिशत गिरकर 87.89 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव के बीच तेल बाजार की चाल पर जींस की खास नजर है, क्योंकि इस मार्ग में किसी भी बड़ी बीमारियों का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
रुपया भी कमजोर
शेयर बाजार के साथ ही भारतीय मुद्रा पर भी दबाव देखा गया। रुपया बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सात पैसे कमजोर होकर 95.40 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया।अंतरबैंक विदेशी मुद्रा एक्सचेंज बाजार में रुपया 95.40 प्रति डॉलर पर खुला। यह पिछले बंद भाव के मुकाबले सात पैसे की गिरावट है।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव, विदेशी जींस की बिकवाली और वैश्विक सेंसेक्स में अनिश्चितता के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है।आने वाले व्यापारिक टीमों में भारतीयों की नजर मुख्य रूप से अमेरिका-ईरान तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख पर रहेगी। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल भी भारतीय इक्विटी बाजार के लिए महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
उद्यमियों के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव में किसी तरह की कमी बाजार की धारणा को सहारा दे सकती है, जबकि तनाव बढ़ने पर तेल कीमतें, मुद्रास्फीति और विदेशी पूंजी प्रवाह को लेकर चिंताएं फिर बढ़ सकती हैं।





