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लगातार अच्छा काम मिलना भी बड़ी बात : रसिका दुग्गल

साड़ी लहराने वाली हीरोइन के रोल कभी आॅफर नहीं हुए
लखनऊ। रसिका दुग्गल बॉलीवुड की उन गिनी चुनी एक्ट्रेसेस में से हैं, जिन्होंने पर्दे पर ग्लैमर से ज्यादा गंभीर, संवेदनशील, इंटेंस वाली फिल्मों और किरदारों को तरजीह दी है। साल 2007 में ‘अनवर’ से डेब्यू करने वालीं रसिका की फिल्मोग्राफी में आपको ऐसी कई फिल्में मिल जाती हैं, जो लीक से हटकर, अंडररेटेड, लेकिन क्लासिक हैं। फिर चाहे ‘किस्सा’ के नीली का किरदार हो या ‘मंटो’ में बेगम साफिया का। जब ओटीटी का दौर आया, तो वहां भी ‘मिजार्पुर’ से लेकर ‘देल्ही क्राइम’, ‘आउट आॅफ लव’ जैसी वेब सीरीज ने रसिका नाम एक समर्थ अभनिेत्री के रूप में दर्ज किया। 41 साल की रसिका हाल ही सैफ अली खान के साथ फिल्म ‘कर्तव्य’ में नजर आईं, जहां वह कर्म और धर्म के बीच अपना कर्तव्य निभाने की जद्दोजहद में जूझ रहे जीवनसाथी का संबल बनती हैं। खास बातचीत में जब रसिका ने यह जानने की कोशशि की गई कि क्या ऐसे गंभीर विषय ही उन्हें लुभाते हैं या कभी हल्के-फुल्के, कमर्शल प्रॉजेक्ट करने का भी मन होता है? तो उन्होंने तपाक से जवाब दिया, ‘मैं खुद कुछ हल्का-फुल्का या कॉमेडी कॉन्टेंट तलाश रही हूं। लेकिन साड़ी लहराने वाले रोल मुझे आॅफर ही नहीं होते।’
जमशेदपुर, झारखंड में पैदा हुईं रसिका दुग्गल सिर्फ एक बेहतरीन एक्ट्रेस ही नहीं, बल्कि होनहार स्टूडेंट भी रही हैं। उन्होंने 2004 में दिल्ली के प्रतिष्ठति लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वुमन से गणित में ग्रेजुएशन की डिग्री ली है।वह सोशल कम्युनिकेशंस मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और एक्टंिग में पीजी डिप्लोमा कर चुकी हैं। ‘नो स्मोकिंग’, ‘हाइजैक’ और ‘तहान’ जैसी फिल्मों से छाप छोड़ चुकीं रसिका कहती हैं, ‘मुझे हल्की फुल्की फिल्में भी चलेंगी। कमर्शयिल न हो भी हो तो ठीक है।’

‘मैं भी चाहती हूं कि लोगों की इस धारणा को तोड़ सकूं’
बकौल रसिका दुग्गल, ‘मैं भी चाहती हूं कि ये जो धारणा है कि मैं किसी चीज में काम कर रही हूं तो वो इंटेंस ही होगी, उसे तोड़ तोड़ सकूं। आप सही हैं कि काफी बार मुझे ऐसे ही रोल मिलते हैं। कुछ हल्के फुल्के भी मिले हैं जैसे ‘लूटकेस’ या ‘ह्यूमरसली योर्स’, लेकिन मुझे और ऐसे रोल करने को मिले तो मुझे बहुत खुशी होगी। असल में मैं खुद ऐसा कुछ ढूंढ रही हूं। जैसे अगर कॉमेडी में कुछ करने को मिले तो बहुत मजेदार होगा। क्या रसिका दुग्गल कभी पर्दे पर रूमानी अंदाज में पहाड़ों पर साड़ी का पल्लू लहराने वाली हीरोइन की तरह नजर आएंगी? इस पर वह कहती हैं, ‘क्यों नहीं, बतौर एक्टर हम किसी चीज के लिए मना नहीं करते। हम सब अलग-अलग तरह का ही काम करना चाहते हैं, तो अगर ऐसा भी काम मिले तो कोई परहेज नहीं है। मैंने तो कभी ना नहीं कहा। मुझे कभी ऐसे रोल के आॅफर ही नहीं आए। रसिका बॉलीवुड में एक इमेज में बांध दिए जाने के बाबत आगे कहती हैं, ‘मुझे लगता है कि उस इंटेंस-सीरियस वाले लेबल के अंदर भी हमें काफी कुछ करने को मिलता है। ऐसा नहीं है कि सारे इंटेंस रोल एक जैसे होते हैं। उसमें भी काफी विविधता होती है। वह भी बहुत अच्छी बात है। ऐसा सबकी लाइफ में नहीं होता कि आपको लगातार काम मिलता रहे और अच्छी स्क्रिप्ट मिलती रहे। साथ ही हर एक्टर चाहता है कि आपको एक अलग पहलू भी लोगों को दिखाने का मौका मिले लेकिन वो आॅफर मिलने की बात है।’

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