back to top

यूक्रेन को लेकर यूरोप अभी भी अल्पकालिक संकट की स्थिति में

कोवेंट्री (ब्रिटेन). कुछ लोगों का मानना है कि यूक्रेन में युद्ध ने यूरोप को मौलिक रूप से बदल दिया है, जिससे एक अलग तरह की यूरोपीय व्यवस्था ने जन्म लिया है। यानी ऐसा प्रतीत होता है कि यह यूरोप को चलाने और संगठित करने के तरीके में संरचनात्मक बदलाव ला रहा है। रक्षा और सुरक्षा जैसे कुछ क्षेत्रों में यूरोपीय एकीकरण गहरा हो रहा है और यूरोपीय संघ नए सदस्यों को शामिल करने के लिए अपनी भौगोलिक सीमाओं का विस्तार करने के लिए तैयार है।

इसे दर्शाते हुए, यूरोपीय संघ के नेता, राजनेता और लेखक आम तौर पर 2022 के आक्रमण की तुलना 1945 और 1989 के विभक्ति बिंदुओं से करते हैं। इनमें से प्रत्येक ने नए संगठन और नियम बनाए जिन्होंने यूरोपीय सहयोग, राजनीति, अर्थशास्त्र और सुरक्षा को फिर से परिभाषित किया। 1989 में शीत युद्ध की समाप्ति यूरोपीय एकीकरण को आगे बढ़ाने वाली थी और इसने कई पूर्वी यूरोपीय देशों को यूरोपीय संघ में लाने का रास्ता खोल दिया।

सरकारों ने विशेष रूप से रक्षा खर्च बढ़ाया है और यूरोपीय संघ ने दर्जनों नई सुरक्षा पहल शुरू की हैं। हालांकि, यह यूरोपीय व्यवस्था में कितना बदलाव लाता है यह अनिश्चित है। कुछ बदलाव यूरोपीय व्यवस्था में संभावित परिवर्तन की ओर इशारा करते हैं। नए सदस्य देशों को लाने के लिए यूरोपीय सीमाओं को फिर से बदला जा रहा है। यूक्रेन, मोडलोवा और जॉर्जिया को वर्षों तक बाहर रखने के बाद यूरोपीय संघ ने निष्कर्ष निकाला है कि इन देशों के साथ परिग्रहण वार्ता शुरू करना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। यूरोपीय संघ ने लोकतांत्रिक मानदंडों के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं को मजबूत किया है क्योंकि रूसी आक्रमण ने अधिनायकवादी शक्ति के खतरे को और अधिक बढ़ा दिया है।

अनेक सुधार प्रस्तावों के बावजूद यूरोपीय संघ के बुनियादी संस्थागत स्वरूप में बदलाव नहीं लाए गए हैं। वर्तमान में यूरोपीय संघ में शामिल होने की उम्मीद कर रहे देशों को रूस से खतरों के बावजूद लंबी तकनीकी प्रक्रियाओं का इंतजार करना पड़ रहा है। सरकारों ने युद्ध के जवाब में मौजूदा यूरोपीय संघ की नीतियों पर रक्षा खर्च में वृद्धि कर दी है, बिना यह स्पष्ट किए कि ये संघ के कथित मूल उदारवादी और शांति-उन्मुख सिद्धांतों से कैसे संबंधित हैं। यूरोपीय नेता अब औपचारिक रूप से दावा करते हैं कि यूक्रेन के प्रति अपनी प्रतिक्रिया के कारण यूरोपीय संघ एक मजबूत भूराजनीतिक शक्ति बन गया है, लेकिन इसका विस्तार साहेल या गाजा में संघर्ष जैसी जगहों पर किसी स्थिति तक होता नहीं दिख रहा है।

युद्ध जारी रहना वास्तव में कुछ अर्थों में यूरोपीय व्यवस्था की नींव और मूल सिद्धांतों को कमजोर कर सकता है। यह ऐसी तात्कालिक चुनौतियां प्रस्तुत करता है कि इसने अलग-अलग सरकारों को रक्षात्मक उपाय अपनाने के लिए मजबूर कर दिया है जो यह दर्शाता है कि वे अपने तात्कालिक और व्यक्तिगत हितों का कैसे ध्यान रखते हैं। लेकिन यह संभावित रूप से राष्ट्रों के बीच समन्वय के खिलाफ हैं।

RELATED ARTICLES

मर्दानी 3 के वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर से पहले सोनी मैक्स ने कैलाश सत्यार्थी के साथ बच्चों की सुरक्षा को लेकर शुरू की खास पहल

मुंबई। मनोरंजन के जरिए जरूरी सामाजिक मुद्दों पर लोगों से बात करने की अपनी कोशिश को आगे बढ़ाते हुए, सोनी मैक्स ने नोबेल शांति...

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से मिले डॉ. संजय कपूर

सीजन-4 के आयोजन को लेकर साझा की जानकारी, लीग के लिए किया आमंत्रित लखनऊ। यूपी टी-20 लीग के सीजन-4 के आगाज़ से पहले यूपी टी-20...

पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा के बंद से झारखंड के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि सोमवार को प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार, आंसू गैस और लाठीचार्ज किए जाने के विरोध...

सावन की शिवरात्रि पर शिवालयों में उमड़े भक्त, किया जलाभिषेक

लखनऊ। सावन की शिवरात्रि पर राजधानी लखनऊ के विभिन्न शिवालयों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। भक्तों ने शिवरात्रि पर...

सावन का दूसरा बुधवार आज, बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में होगी विशेष पूजा

लखनऊ। लखनऊ के मोहान रोड स्थित ऐतिहासिक बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में इस बार सावन के महीने में विशेष रौनक देखने को मिलेगी। 30 जुलाई...

मंगला गौरी व्रत पर सुहागिनों ने की पूजा-अर्चना

लखनऊ। पति व बच्चों की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए महिलाओं ने सावन माह के दूसरे मंगला गौरी व्रत की विशेष...

जीवन में सफलता का कोई सीधा रास्ता नहीं होता : राजेश्वर सिंह

लखनऊ। जीवन में सफलता का कोई सीधा रास्ता नहीं होता। अलग-अलग पड़ावों पर आने वाली चुनौतियां ही व्यक्ति को आगे बढ़ने और खुद को...

सूर्य ग्रहण आज, सूतक काल मान्य नहीं

लखनऊ। साल 2026 का दूसरा और बेहद खास सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को यानी बुधवार के दिन लगने जा रहा है। यह खग्रास...

भोजपुरी फिल्म रिश्तों की लीला की शूटिंग शुरू

लखनऊ। भोजपुरी सिनेमा के दर्शकों के लिए एक नई फिल्म की शुरूआत हो गई है। बाराबंकी में भोजपुरी फिल्म रिश्तों की लीला की शूटिंग...