लखनऊ। जीवन में सफलता का कोई सीधा रास्ता नहीं होता। अलग-अलग पड़ावों पर आने वाली चुनौतियां ही व्यक्ति को आगे बढ़ने और खुद को नए रूप में ढालने का अवसर देती हैं। हर भूमिका में उद्देश्य के साथ काम करना और लगातार सीखते रहना ही सफलता की असली कुंजी है। यह विचार सरोजनी नगर,लखनऊ के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मंगलवार को फिक्की फ्लो लखनऊ के विशेष संवाद कार्यक्रम में व्यक्त किए। फिक्की फ्लो लखनऊ की चेयरपर्सन सिमरन साहनी के नेतृत्व में होटल ताज महल में ह्यपुलिसिंग से पॉलिटिक्स तक’ विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने जीवन और करियर के विभिन्न पड़ावों के अनुभव साझा किए। पत्रकार एवं लेखिका शैली चोपड़ा ने उनसे संवाद किया। डॉ. राजेश्वर सिंह का करियर कई क्षेत्रों से होकर गुजरा। माइनिंग इंजीनियर के रूप में शुरूआत करने के बाद उन्होंने पुलिस सेवा में कार्य किया। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में जांच अधिकारी की जिम्मेदारी निभाई और कानून के क्षेत्र से जुड़ने के बाद राजनीति में कदम रखा। वर्ष 2005 में उन्हें राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया। संवाद के दौरान उन्होंने अपने जीवन के ऐसे अनुभव साझा किए, जिनसे यह संदेश मिला कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी बदलें, सीखने और आगे बढ़ने की प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए। उन्होंने मुश्किलों, आत्म-संदेह और सार्वजनिक जीवन की चुनौतियों का भी बेबाकी से जिक्र किया।
कार्यक्रम में चर्चा केवल उपलब्धियों तक सीमित नहीं रही। नेतृत्व, संघर्ष, आत्मविश्वास, बदलाव के दौर में निर्णय लेने और समाज के प्रति जिम्मेदारी जैसे विषयों पर भी बातचीत हुई। डॉ. सिंह ने कहा कि करियर हमेशा एक सीधी रेखा में आगे नहीं बढ़ता। कई बार जीवन में आने वाले अप्रत्याशित बदलाव ही आगे की सबसे महत्वपूर्ण दिशा तय करते हैं।कानून व्यवस्था पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे सुरक्षित प्रदेश है,आज महिलाएं बेखौफ होकर अपने कार्य के लिए निकलती हैं।
इस अवसर पर चेयरपर्सन सिमरन साहनी ने कहा कि फिक्की फ्लो लखनऊ का उद्देश्य ऐसे मंच उपलब्ध कराना है, जहां सदस्य विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे असाधारण लोगों से सीधे संवाद कर सकें। ऐसे कार्यक्रम नेतृत्व, बदलाव और उद्देश्यपूर्ण जीवन को लेकर नई सोच विकसित करने में मदद करते हैं। सेशन की अध्यक्षता रचिता व्यास ने की। उनके तीखे और विचारोत्तेजक सवालों ने संवाद को और प्रभावी बनाया। उन्होंने डॉ. सिंह से उनके करियर के विभिन्न पड़ावों, नेतृत्व और जनसेवा से जुड़े अनुभवों पर सवाल किए। कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजेश्वर सिंह के जीवन के विभिन्न पड़ावों और जनसेवा के अनुभवों ने उपस्थित सदस्यों को प्रेरित किया। संवाद का संदेश रहा कि सफलता किसी एक पद या मुकाम का नाम नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में खुद को बेहतर बनाने और समाज के लिए उपयोगी बने रहने की निरंतर यात्रा है। कार्यक्रम में फिक्की फ्लो लखनऊ की सदस्याओं और उनके जीवनसाथियों ने भाग लिया। सदस्यों ने डॉ. सिंह के अनुभवों को अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन से जोड़ते हुए देखा।





