लखनऊ। स्पाई यूनिवर्स के सामने धुरंधर सीरीज ने इतनी बड़ी लाइन खींच दी थी कि उसके समाने उतनी ही बड़ी लाइन खींचना ऐल्फा के लिए नामुमकिन था और ये हम सब जानते थे, लेकिन शिव रवैल के डायरेक्शन में बनी आलिया भट्ट, शरवरी, बॉबी देओल और अनिल कपूर स्टारर ऐल्फा पूरी तरह से प्रिडिक्टेबल साबित होगी, इसका अंदाजा खुद स्पाई यूनिवर्स के बचे-बचाए फैंस ने भी नहीं लगाया होगा।
फिल्म ऐल्फा कारगिल लड़ाई के अंत से शुरू होती है, जिसमें कई भारतीय सैनिक मारे गए हैं। इस लड़ाई के बाद कर्नल फतेह सिंह (बॉबी देओल) और उसका बॉस विक्रांत कौल (अनिल कपूर) एक स्पेशल प्रोग्राम ऐल्फा लॉन्च करते हैं, जिसमें एक ऐसा सीरम बनाया जाएगा, जो भारतीय सैनिकों की क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा। ऐल्फा पूरी तरह से कर्नल फतेह सिंह के दिमाग की उपज है, जिसके लिए वो किसी भी हद तक जा सकता है। इसके लिए वो विक्रांत कौल की बेटी तक चुरा लेता है क्योंकि वो ऐल्फा सीरम की ताकत के साथ पैदा हुई है। सबसे पहले बात करते हैं डायरेक्टर शिव रवैल की जिन्होंने ऐल्फा बनाई है। शिव रवैल ने स्टाइलिश मूवी शूट की है लेकिन ये इतनी प्रिडिक्टेबल है कि एक बार भी ये दिल में रोमांच पैदा नहीं कर पाती है। ऐसा लगता है कि शिव ने 70′ का लॉस्ट एंड फाउंड फॉमूर्ला उठाकर स्पाई यूनिवर्स में फिट कर दिया है। जो फिल्में बनाना खुद बॉलीवुड ने 70′ में बंद कर दी थीं, वैसी कहानी 2026 में लाना किसी जुर्म से कम तो नहीं है। आलिया भट्ट ऐल्फा की लीड हैं, जिनके आसपास कहानी गढ़ी गई है। आलिया भट्ट के फैंस को ये सवाल उनसे पूछना चाहिए कि उनकी क्या मजबूरी थी कि वो इस कहानी का हिस्सा बनीं। आलिया ऐल्फा में पूरी तरह से मिसफिट हैं, जिन्हें स्क्रीन पर देखते हुए हंसी आने लगती है। अगर आलिया भट्ट जैसी एक्ट्रेस ओवरएक्टिंग करती नजर आए तो सोच लीजिए कि उनसे कैसा काम कराया गया है। शरवरी ऐल्फा में ग्लैमर एड करती हैं लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या ऐल्फा को ग्लैमर की और शरवरी की जरूरत भी थी? अगर शरवरी के रोल को हटा दें तो ऐल्फा की कहानी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बॉबी देओल की एक्टिंग ऐल्फा का सिर्फ एक मात्र सेविंग ग्रेस है। बॉबी देओल को अगर थोड़ी और बेहतर कहानी मिलती तो वो एनिमल वाला कमाल कर देते। उन्होंने अपने सीन्स में जान डालने में कोई कसर नहीं छोड़ी है लेकिन कहानी में ही अगर जान ना हो तो कोई एक्टर क्या करे। रही बात अनिल कपूर की तो वो हर फिल्म और हर सीरीज में एक जैसे एक्सप्रेशन दे रहे हैं। अनिल कपूर ऐल्फा की कहानी की तरह बेहद प्रिडिक्टेबल हैं, जिन्हें देखना का मन नहीं करता है। ऋतिक रोशन के कैमियो के बारे में बात ना ही करें तो ज्यादा बेहतर है क्योंकि ये इतना खराब है कि आगे से फऋ के स्पाई यूनिवर्स के किसी भी कैमियों के लिए कोई एक्साइटेड नहीं होगा। स्पाई यूनिवर्स की आखिरी हिट फिल्म शाहरुख खान की पठान थी, जिसमें बेहद स्टाइलिश एक्शन सीन्स थे। शिव रवैल और उनकी टीम ने वैसे ही स्टाइलिश एक्शन सीन्स शूट करने की कोशिश की है लेकिन आलिया-शरवरी के ऊपर वो फिट नहीं बैठते हैं। दोनों को मारधाड़ करते हुए देखकर ऐसा लगता है कि किसी अमीर बाप ने कुछ लोगों को अपनी बेटियों से पिटने के लिए रुपये दिए हों। आखिर में सवाल ये है कि क्या आलिया भट्ट और बॉबी देओल की ऐल्फा देखने के लिए 2-3 घंटे निकालने चाहिए या नहीं? तो देखिए अगर आप बॉबी देओल के फैन हैं तो ये मूवी देख सकते हैं। उनके अलावा ऐल्फा में ऐसा कुछ नहीं है, जिसके लिए थिएटर जाने की मशक्कत की जाए।
कलाकार : आलिया भट्ट और बॉबी देओल, अनिल कपूर
निर्देशक : शिव रवैल
रेटिंग-1.5/5





