लखनऊ। ज्येष्ठ माह के सातवें बड़े मंगल पर श्री हनुमान जी के मंदिरों में विशेष दर्शन-पूजन किया जाएगा। बजरंगबली का अनुपम शृंगार किया जाएगा। विग्रहों को सिंदूर का लेप लगाने के साथ अनेक प्रकार के पुष्पों से सुशोभित किया जाएगा। साथ ही भंडारे की अनूठी परंपरा भी निभाई जाएगी। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों के दर्शन के प्रबंध किए गए हैं। बजरंग बली के विग्रहों को पुष्पों के हार से सुशोभित किया जाएगा। अलीगंज नए व पुराने हनुमान जी मंदिर, दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर, हनुमान सेतु व हनुमत धाम में भी विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। प्राचीन श्री खड़ेश्वरी हनुमान मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। बाराही देवी, मचौरा देवी, बुढ़िया शिवालय, हनुमान गढ़ी आदि मंदिरों में सजावट पूरी हो गई है। कटरा बाजार के शीतला मंदिर परिसर में सुंदरकांड पाठ शुरू कर दिया गया है। बड़ा महादेवन हनुमान मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी। भुइयां माता मंदिर में हनुमान जी अर्चना की जाएगी। टिकैत गंज के प्राचीन हनुमान मंदिर दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है। राजाजीपुरम के टड़ियन हनुमान मंदिर में विग्रह का सिंदूर व पुष्पों से शृंगार किया जाएगा। पंचमेवा, फलाहार, प्रसाद का भोग लगाकर चोला चढ़ाया जाएगा। राजाजीपुरम सेक्टर- 12 के रुकुंदीपुर हनुमान मंदिर में भी अनुष्ठान किया जाएगा। मलिहाबाद में चिंताहरण हनुमानजी के मंदिर को सजाया गया है।
यहां लगेंगे भंडारे
नया हनुमान मंदिर अलीगंज में सुंदरकांड पाठ एवं भंडारा, सुबह नौ बजे, दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर पक्का पुल में शरबत का भंडारा, सुबह नौ बजे, पुराना हनुमान मंदिर, अलीगंज में हनुमत आरती, सामूहिक सुंदरकांड पाठ व पूड़ी-सब्जी का भंडारा सुबह 11:00 बजे, भुवनेश्वर मंदिर चौक में भंडारा, सुबह 11 बजे , कृष्णा नगर के श्रीदुर्गा माता मंदिर में भंडारा, सुबह 11 बजे , सिंधी सेंट्रल पंचायत की ओर से पूड़ी-सब्जी का भंडारा, कृष्णा नगर, सुबह 11 बजे , त्रिमूर्ति हनुमान मंदिर आलमबाग के सामने भंडारा, सुबह 11 बजे , श्री बालाजी मंदिर तालकटोरा रोड में शृंगार के साथ भंडारा, सुबह 11 बजे , लेटे हनुमान मंदिर पक्का पुल में चावल-राजमा का भंडारा, सुबह 11 बजे , श्री दुर्गा धर्म जागरण समिति की ओर से भंडारा, परिवर्तन चौक हजरतगंज, सुबह 11 बजे , मौनी बाबा मंदिर आलमबाग में भंडारा, सुबह 11 बजे , राजाजीपुरम टैक्सी स्टैंड पर भंडारा, दोपहर 12 बजे।
चमेली के तेल से होगा शृंगार:
अमीनाबाद हनुमान मन्दिर में सिन्दूर और चमेली के तेल से हनुमान जी महाराज का शृंगार किया जायेगा। ब्रम्ह मुहूर्त में प्रधान पुजारी कृष्णकांत पाठक द्वारा आरती होगी। पहले कपूर और लौंग से फिर 51 दीपों से आरती होगी। उसके बाद 51 किलो बेसन के लड्डू का भोग लगाया जायेगा। सुबह और शाम सुन्दरकांड का पाठ होगा। तालकटोरा स्थित बालाजी मन्दिर में सोने, चांदी के वर्क से बाबा का शृंगार किया जायेगा। लक्ष्मण टीले के पास लेटे हुए हनुमान मन्दिर में सुबह हनुमान जी का विशेष शृंगार होगा। शाम को सुन्दरकांड का पाठ होगा। बीरबल साहनी मार्ग स्थित श्री संकट हरण पंचमुखी हनुमान मन्दिर में सुबह मन्दिर आरती के बाद 11 किलो लड्डू का भोग लगेगा। मन्दिर की ओर से बाहर भण्डारे के आयोजन भी होंगे। शाम को तिवारी बन्धु द्वारा संगीतमय सुन्दरकांड पाठ होगा। इसके अलावा हजरतगंज के हनुमान मन्दिर, रकाबगंज चौराहा स्थित हनुमान मन्दिर, राणाप्रताप मार्ग स्थित जल निगम के सामने हनुमान मन्दिर, आईटीआई चौराहा अलीगंज हनुमान मन्दिर, इन्दिरानगर सी ब्लाक हनुमान मन्दिर, नाका चौराहा के हनुमान गढ़ी मन्दिर, दुबग्गा के बरदानी हनुमान मन्दिर, आलमबाग के शिवमूर्ति हनुमान मन्दिर, पंचमुखी बालाजी मन्दिर, चारबाग के त्रिलोचन हनुमान मन्दिर, इन्दिरानगर के भूतनाथ मन्दिर, सीतापुर रोड स्थित हाथी बाबा मन्दिर, डालीगंज के बिहारी जी मन्दिर, सहित अन्य मन्दिरों में बड़े मंगल को लेकर देर रात तक तैयारियां चलती रही।
एक कुंतल बूंदी का भोग लगेगा त्रिलोचन हनुमान मंदिर में:
चारबाग स्थित प्राचीन त्रिलोचन हनुमान मंदिर में जेठ के सातवें बड़े मंगल को लेकर तैयारियां तेज हैं। मंदिर के पंडित देवी प्रसाद चतुवेर्दी ने बताया कि इस बार दूसरे बड़े मंगल के साथ महंत देवदत्त गिरी जी महाराज की पुण्यतिथि भी मनाई जाएगी। सुबह पांच बजे आरती के बाद 51 किलो लड्डू और एक कुंतल लड्डू का भोग लगाया जाएगा। उसके बाद भंडारे का आयोजन होगा। हनुमान जी भगवान शिव के अवतार हैं। इनकी पूजा तत्काल फल देने वाली है। इन्हें संकटमोचन, ग्राम देवता के रूप में भी पूजा जाता है। माता सीता ने हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नवनिधि की प्राप्ति का वरदान दिया था। भक्त व्रत रखकर रामसीता, लक्ष्मण और हनुमान जी का पूजन कर भजन कीर्तन करते हैं और रामचरित मानस के सुंदरकांड का पाठ करना बहुत लाभदायक होता है। लाल वस्त्र, लाल चंदन, लाल फूल, सिंदूर, चमेली के तेल का लेप, तुलसी पत्र, बेसन के लडडू और बूंदी से बजरंगबली शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
अलीगंज नया हनुमान मंदिर में लड्डू का लगेगा भोग
अलीगंज हुनमान मंदिर में सुबह चार बजे मंदिर के कपाट खुल जाएंगे। बजरंगबली को 2.5 कुंतल लड्डू और एक हजार माखन बड़ा का भोग लगाया जाएगा। दिन में 11 बार बजरंगबली का चोला बदला जाएगा। मंदिर के कार्यालय अधीक्षक राकेश दीक्षित ने बताया कि मंदिर परिसर को रंग बिरंगे फूलों से सजाया जाएगा। विशेष पूजन के साथ भंडारे का आयोजन होगा। सुबह 6 बजे और रात 8 बजे आरती होगी।
हनुमान सेतु: सुबह 4 बजे मंगला आरती के साथ होंगे दर्शन:
लखनऊ विश्वविद्यालय मार्ग स्थित हनुमान सेतु मंदिर में सातवें बड़े मंगल पर सुबह 4 बजे मंगला आरती के साथ मंदिर के कपाट खुल जाएंगे। भक्तों को प्रसाद वितरित करने के लिए लड्डू बनाया जा रहा है। भक्त रात 12 बजे तक लगातार दर्शन कर सकेंगे। सुबह 6 बजे और रात 8 बजे विशेष आरती होगी।
हनुमान मंदिरों में तैयारियां पूरी, जगह-जगह लगेंगे भंडारे
लखनऊ। शहर के सभी हनुमान मंदिरों में बड़े मंगल को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। बड़े मंगल पर 4 बजे मंदिर के कपाट खुल जाएंगे। सुबह 5:30 बजे मंगला आरती होगी। 11:30 बजे सब्जी-पूड़ी, हलवा, चना, बूंदी और भोग लगाकर भोग आरती उतारी जाएगी। मंदिर के प्रधान पुजारी श्याम पाठक ने बताया कि बजरंगबली का सिन्दूर, चांदी का वर्क से श्रृंगार किया जाएगा। शाम को सुंदरकाण्ड होगा। मेडिकल कालेज चौराहा के पास स्थित छाछी कुआ हनुमान मन्दिर में दूसरे बड़े मंगल की तैयारियां पूरी हो चुकी है। मन्दिर फूलों और बिजली की सजावट से मन्दिर की भव्यता देखती ही बन रही है। मन्दिर के सचिव ने बताया कि ज्येष्ठ मास के सभी मंगल को मन्दिर सुबह पांच बजे खुल जाएगा। पहले भगवान की आरती होगी उसके बाद दर्शन का क्रम शुरू होगा। शाम सात से 10 बजे तक भजन कीर्तन व सुन्दरकांड का पाठ होगा। इतिहासछांछी कुआ हनुमान मन्दिर मेडिकल कालेज चौराहा के पास स्थित छाछी कुआ हनुमान मन्दिर में 1884 के आसपास एक बारात इस मन्दिर में रुकी थी बारातियों के जलपान के लिए जब महंत के शिष्य ने कुएं में बाल्टी डाली तो पानी की जगह छाछ निकली। जिसके बाद से इस मन्दिर का नाम छांछी कुआं पड़ गया। इसी कुएं से एक बजरंगबली की प्रतिमा भी निकली थी। मन्दिर की स्थापना महंत बाबा परमेश्वर दास ने कराई थी। प्रत्येक मंगलवार को विशेष शृंगार होता है। मन्दिर आने वाले भक्त मनौती मांगते है। मनौती पूरी होने पर भगवान का शृंगार कराते है। चोला चढ़ाते है और घंटी टांगते है। मन्दिर के बाहर मेले के लिए दुकानें आ चकी है। मेले में कुछ दुकानें रात में ही लग चुकी थी। बच्चों के झूले व खिलौने की दुकानें आदि मेले का रंग जामायेंगे।





