चार दिवसीय गायन कार्यशाला का तृतीय दिवस सम्पन्न
लखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे जी की पावन स्मृति में स्थापित पीठ के अंतर्गत आयोजित चार दिवसीय गायन कार्यशाला का तृतीय दिवस विश्वविद्यालय के सुजान सभागार में अत्यंत गरिमामय एवं प्रेरणादायक वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह कार्यशाला दिनांक 15 अप्रैल से 18 अप्रैल 2026 तक विश्वविद्यालय के गायन विभाग द्वारा आयोजित की जा रही है, जिसमें सुप्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक पद्मभूषण पंडित साजन मिश्रा विशेषज्ञ के रूप में विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
कार्यशाला के तृतीय दिवस का शुभारम्भ कार्यक्रम संयोजिका एवं गायन विभागाध्यक्ष प्रो. सृष्टि माथुर द्वारा पंडित साजन मिश्रा को पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। इस अवसर पर गायन विभाग के शिक्षकगण, संगतकर्ता, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
तृतीय दिवस के प्रथम सत्र में पद्मभूषण पंडित साजन मिश्रा ने विद्यार्थियों को सप्रयोग एवं विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रथम सत्र में उन्होंने राग तोड़ी एवं राग अहीर भैरव का मध्य लय में रियाज कराते हुए दधि बेचन एवं अलबेला सजन जैसी बंदिशों के माध्यम से गायन की सूक्ष्म बारीकियों को समझाया।
द्वितीय सत्र में उन्होंने विलंबित एवं मध्य लय में छोटा ख्याल प्यारे कन्हाई न मारो कंकरिया का अभ्यास कराया। इसके साथ ही ओदर ताना देरे नाता दीम दीम तनाना जैसे तराने के माध्यम से विद्यार्थियों को विविध गायन शैलियों से परिचित कराया।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में कार्य परिषद के निर्णय एवं विद्यार्थियों की मांग को ध्यान में रखते हुए प्रतिष्ठित कलाकारों को विश्वविद्यालय में आमंत्रित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में प्रतिदिन दो समूहों में प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है, जिसमें विशेष प्रशिक्षण के अंतर्गत लगभग 15 विद्यार्थी तथा आधारभूत प्रशिक्षण में लगभग 100 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।
विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. सृष्टि धवन ने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ विद्यार्थियों के कौशल विकास के साथ-साथ भारतीय सांगीतिक परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।





