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पिछली सरकारों के बजट में स्वयं और परिवार के लिए योजनाएं बनती थीं : योगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर हमला करते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों में स्वयं के लिए और परिवार के लिए योजनाएं बनती थीं और विपक्षी दल उस सोच से बाहर नहीं निकल पाए हैं। योगी ने विधानसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए आरोप लगाया, पिछले चार वर्षों के दौरान प्रदेश में जो काम किए गए, वे पिछले अनेक वर्षों में नहीं हो पाए।

पिछली सरकारों में स्वयं के लिए और परिवार के लिए योजनाएं बनती थी। वे उस सोच से बाहर नहीं निकल पाए इसीलिए वे बजट का दायरा नहीं बढ़ा पाए। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए पेश बजट का विरोध करने वाले सपा और विपक्ष के नेता राम गोविंद चौधरी पर कटाक्ष करते हुए कहा, आप ऐसा बजट चाहते थे जो सपा की सरकार के कार्यकाल में होता था।

भारतीय परिप्रेक्ष्य में सपा सरकार का कोई ऐसा दृष्टिकोण नहीं होता था जो सर्व समावेशी, सर्व कल्याणकारी हो और प्रदेश के विकास को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाने वाला हो। उन्होंने कहा, वह भाव ना होने के कारण मुझे लगता है कि आप की पार्टी केवल चार्वाक के सिद्घांत पर विश्वास करती थी। यानी तात्कालिक रूप से चीजें मिल जाएं। उसमें ना तो प्रदेश की भावनाएं होती थीं, ना विकास का कोई एजेंडा होता था और ना ही कोई दूरगामी दृष्टिकोण होता था। इसी वजह से हरेक तबका नाराज होता था और उसने (जनता ने चुनाव में) पार्टी को इसका जवाब दे दिया है।

योगी ने कहा, हमारी सरकार ने एक विजन के साथ विकास का रोडमैप तैयार किया है। यही हमारी पार्टी को और प्रदेश को भी एक नई ऊंचाई देगा। उन्होंने कहा कि यानी पार्टी को लंबे समय तक शासन करेगी और प्रदेश विकास की एक नई ऊंचाई पर पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने उनकी सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों और योजनाओं का विस्तार से जिक्र करते हुए कहा कि समाज के हर तबके ने इस बजट की प्रशंसा की है। इनमें सीआईआई, फिक्की, एसोचैम और पीएचडीसीसीआई जैसे अनेक उद्योग मण्डल भी शामिल हैं।

योगी ने कहा, वही तंत्र, आय के वे ही स्रोत, हर चीज समान है, बस हमने कार्य संस्कृति को बदल दिया है। पिछले चार वर्षों में हमने उल्लेखनीय बदलाव किए हैं। विपक्ष 2022 तक धैर्य रखे। जब हम दोबारा सत्ता में आएंगे तो राज्य को विकास की और ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में सभी पार्टी के सदस्यों ने काफी रुचि के साथ बजट पर अपनी बात रखी। कुल 62 सदस्यों ने इस पूरी चर्चा में भाग लिया और प्रदेश का विधानमण्डल एक स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रणाली का सृजन कर रहा है। यह हम सब के लिए गौरव का विषय है।

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