सरल संस्कृत भाषा शिक्षण शिविर का शुभारंभ
लखनऊ। बालिका विद्यालय इंटरमीडिएट कॉलेज, मोती नगर, लखनऊ में आज उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान द्वारा संचालित गृहे गृहे संस्कृतम योजना के अंतर्गत 12 दिवसीय सरल संस्कृत भाषा शिक्षण शिविर का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस शिविर का उद्देश्य छात्राओं में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि जागृत करना, संस्कृत को व्यवहार की भाषा के रूप में स्थापित करना तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों एवं संस्कारों के प्रति जागरूकता विकसित करना है। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई, जिससे सम्पूर्ण वातावरण ज्ञान, संस्कृति एवं भारतीय परम्परा की गरिमा से आलोकित हो उठा। विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. लीना मिश्र ने मुख्य अतिथि डॉ. सरिता श्रीवास्तव, सहायक आचार्य, नारी शिक्षा निकेतन पी.जी. कॉलेज, लखनऊ एवं जनपद संयोजक, संस्कृत प्रतिभा खोज तथा शिविर की प्रशिक्षक सुश्री प्रेरिका अग्रवाल का विद्यालय परिवार की ओर से पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर हार्दिक स्वागत किया। कार्यक्रम का सफल संयोजन विद्यालय की शिक्षिका ी रितु सिंह द्वारा किया गया। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि डॉ. सरिता श्रीवास्तव ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, ज्ञान-परम्परा और जीवन-मूल्यों की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की महत्त्वाकांक्षी गृहे गृहे संस्कृतम् योजना का उद्देश्य संस्कृत को जन-जन तक पहुँचाना तथा उसे व्यवहारिक जीवन से जोड़ना है। उन्होंने छात्राओं से संस्कृत सीखने के साथ-साथ उसके व्यावहारिक प्रयोग को भी अपनाने का आह्वान किया। प्रधानाचार्या डॉ. लीना मिश्र ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि नई शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में भारतीय ज्ञान-परम्परा के पुनर्स्थापन में संस्कृत भाषा की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। ऐसे प्रशिक्षण शिविर छात्राओं में भाषा-कौशल, सांस्कृतिक चेतना तथा भारतीय परम्पराओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में सहायक सिद्ध होंगे। शिविर की प्रशिक्षक सुश्री प्रेरिका अग्रवाल ने उद्घाटन सत्र के उपरांत छात्राओं को खेल-खेल में सरल एवं व्यवहारिक संस्कृत सिखाने का प्रशिक्षण प्रारंभ किया। उन्होंने संवादात्मक पद्धति के माध्यम से दैनिक जीवन में प्रयुक्त होने वाले संस्कृत शब्द, सरल वाक्य, अभिवादन, संख्याएँ, सुभाषित, सामान्य ज्ञान तथा संस्कृत वातार्लाप का अभ्यास कराया। छात्राओं ने अत्यंत उत्साह एवं जिज्ञासा के साथ प्रशिक्षण में सहभागिता की। इस 12 दिवसीय शिविर में लगभग 35 छात्राएँ प्रतिभाग कर रही हैं। शिविर के दौरान संस्कृत भाषा को सहज एवं रोचक ढंग से सीखने के लिए विविध गतिविधियों, भाषायी खेलों, संवाद-अभ्यास, गीत, श्लोक, प्रश्नोत्तरी तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिससे छात्राएँ संस्कृत भाषा का व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त कर सकें। उल्लेखनीय है कि गृहे गृहे संस्कृतम् योजना उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान द्वारा संचालित एक महत्त्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं लोकप्रियकरण के साथ-साथ उसे घर-घर तक पहुँचाना है। यह योजना नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, संस्कारों एवं ज्ञान-परम्परा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है। इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाएँ श्रीमती उमा रानी यादव, श्रीमती माधवी सिंह, श्रीमती मंजुला यादव तथा श्रीमती मीनाक्षी गौतम सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।





