लखनऊ। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का 16वां दीक्षांत समारोह 15 जुलाई को कलामंडपम में भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा। जिसकी अध्यक्षता राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी और मुख्य अतिथि के रुप में पद्मश्री पंडित कुमार बोस एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह मौजूद रहेंगे। दीक्षांत समारोह में स्टूडेंट्स को उनकी अचीवमेंट्स के लिए 48 मेडल दिए जाएंगे, जिसमें 30 गोल्ड मेडल, 9 सिल्वर मेडल और 9 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इस साल सबसे ज्यादा 7 मेडल यूनिवर्सिटी में एमपीए (कथक) की स्टूडेंट श्वेता गुप्ता को दिए जाएंगे। इसके साथ ही 3 रिसर्चर्स को पीएचडी की उपाधि भी प्रदान की जाएगी। दीक्षांत समारोह में जो 48 मेडल स्टूडेंट्स को दिए जा रहे हैं, उन्हें हासिल करने वालो में 69 परसेंट गर्ल्स कैंडिडेट्स हैं जबकि 31 परसेंट ब्वॉयज हैं। वहीं, ग्रेजुएशन में 60 परसेंट गर्ल्स और 40 परसेंट ब्वॉयज, पीजी में 50 परसेंट गर्ल्स और 50 परसेंट ब्वॉयज, पीएचडी में 33 परसेंट गर्ल्स और 67 परसेंट ब्वॉयज शामिल हैं। कुल मिलाकर इस बार दीक्षांत समारोह में गर्ल्स का पलड़ा भारी है।
एमपीए कथक की श्वेता गुप्ता ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं क्योंकि मुझे बचपन से ही डांस से लगाव रहा है। 2019 में मैंने कथक जॉइन किया क्योंकि मुझे लगता है कि ये मेरी संस्कृति से जुड़ा है, जिसे मैं आगे बढ़ाना चाहती हूं। फ्यूचर में भी मैं कथक में ही आगे बढ़ूंगी और साथ ही छोटे बच्चों को भी कथक सिखाऊंगी ताकि ये कल्चर आगे बढ़ता रहे।
एमपीए गिटार की नेहा काजी ने कहा कि दीक्षांत समारोह में मुझे 5 मेडल मिलना मेरे लिए सम्मान की बात है। इससे पहले इस कैटेगरी में किसी फीमेल को गोल्ड मेडल नहीं मिला था, जो दोगुनी खुशी की बात है। इससे पहले मुझे बीपीए में भी गोल्ड मिला था। मेरा सफर 9 साल पहले शुरू हुआ था। अभी मुझे काफी कुछ एक्सप्लोर करना है। मैं फ्यूजन म्यूजिक प्रोडक्शन करना चाहती हूं।
बीपीए गायन की प्रिया दुबे ने कहा कि मुझे दीक्षांत समारोह में 4 मेडल मिल रहे हैं, जिसको लेकर मैं बहुत खुश हूं और अपने पेरेंट्स, टीचर्स और ईश्वर को थैंक्स कहती हूं। मुझे बचपन से ही गाने का काफी शौक था, लेकिन मेरा बैकग्राउंड म्यूजिक का नहीं था तो मुझे काफी चीजें फेस करनी पड़ीं, पर फिर भी मैंने अपने पैशन को नहीं छोड़ा और आज मैं बहुत अच्छा फील कर रही हूं।
एमपीए गायन के स्पर्श कुमार कश्यप ने कहा कि मुझे बचपन से ही गाने का शौक था और 2018 में मैंने भातखंडे जॉइन किया था, जिसके बाद मैंने काफी मेहनत की जिसकी वजह से मुझे 4 मेडल्स मिल रहे हैं। ये मेरे लिए बहुत स्पेशल मोमेंट है। मुझे इसी फील्ड में रहना है। मैं पीएचडी करके प्रोफेसर बनना चाहता हूं।
एमपीए गायन के आलोक कुमार मिश्रा ने कहा कि दीक्षांत समारोह में 4 मेडल्स मिलना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। मैं आजमगढ़ के हरिहरपुर संगीत घराने से बिलॉन्ग करता हूं और मेरे यहां सभी म्यूजिक से जुड़े हैं। संगीत तो मुझे विरासत में मिला है। अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मैं इंटरनेशनल आर्टिस्ट बनना चाहता हूं।
एमपीए भरतनाट्यम की दीप्ति सिंह ने कहा कि भरतनाट्यम से मुझे बेहद प्यार है क्योंकि इसे करने से मुझे बहुत अच्छा महसूस होता है। मैंने अपनी पूरी पढ़ाई करने के बाद टीचिंग की जॉब छोड़कर दोबारा बीपीए, एमपीए किया और भरतनाट्यम शुरू किया। अब दीक्षांत समारोह में मुझे 3 मेडल मिल रहे हैं, जो मेरे लिए बहुत हैप्पी मोमेंट है।





