बहराइच। नानपारा इलाके में डेढ़ साल की मासूम से दुष्कर्म के बाद हत्या के आरापी को कोर्ट ने 56वें दिन ही खुली अदालत में दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मृतका को सिंहनी नाम देते हुए घटना को काफी वीभत्स माना है। एडीजी ने पुलिस टीम को 50 हजार रुपये और शासन ने एक लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। कोतवाली नानपारा क्षेत्र के पतरहिया गांव निवासी डेढ़ साल की मासूम को 22 जून को गांव का रहने वाला परशुराम घर से उठा ले गया था। गांव के बाहर स्कूल में ले जाकर उसने मासूम के साथ दुष्कर्म किया और उसकी हत्या कर दी थी। मामले में पुलिस जांच में जुटी हुई थी।
कोर्ट में पुलिस ने जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर दी। अपर सत्र न्यायाधीश रेप व पॉक्सो एक्ट नितिन पांडेय की अदालत में ट्रायल चला। महज दस दिन की बहस में पैरवी अभियोजन के डीजीसी क्रिमिनल मुन्नू लाल मिश्र, विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो संत प्रताप सिंह, संतोष सिंह व सुरेंद्र मौर्या ने की। घटना को जघन्य अपराध मानते हुए कड़ी सजा की मांग अदालत में रखी। कोर्ट ने सोमवार को मृतका को सिंहनी नाम देते हुए अभियुक्त को दोषी करार दिया। उसको कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 50 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। निचली अदालत का जिले में यह एतिहासिक फैसला पहली बार आया है। घटना में जल्द कार्रवाई पर एडीजी जोन गोरखपुर अखिल कुमार ने पुलिस टीम को पचास हजार रुपये और शासन ने एक लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।





