भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ में दीक्षारम्भ 2026 का भव्य आयोजन
लखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ एवं स्पिक मैके के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय के नवप्रवेशित विद्यार्थियों हेतु दीक्षारम्भ 2026 कार्यक्रम का आयोजन आज 25 जुलाई को विश्वविद्यालय परिसर स्थित कलामंडपम प्रेक्षागृह में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह, पद्मश्री से सम्मानित प्रख्यात सितार वादक शाहिद परवेज, स्पिक मैके के प्रदीप नारायण श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष (गायन) प्रो. सृष्टि माथुर, विभागाध्यक्ष (तालवाद्य) डॉ. मनोज कुमार मिश्रा एवं विभागाध्यक्ष (नृत्य) ज्ञानेन्द्र दत्त बाजपेयी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यार्थियों के समग्र विकास, भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण तथा कला एवं संस्कृति के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु आयोजित किया गया। इस श्रृंखला के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की उत्कृष्ट परंपराओं से सीधे जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पद्मश्री उस्ताद शाहिद परवेज का अद्वितीय सितार वादन रहा। उन्होंने अपने वादन की शुरूआत राग शुद्ध सारंग से की तथा विविध प्रस्तुतियों के पश्चात राग पीलू के साथ समापन किया। उनके साथ तबले पर पंडित शुभ ज्योति गुहा ने प्रभावशाली संगत दी। प्रस्तुति के दौरान उस्ताद शाहिद परवेज ने विद्यार्थियों के साथ संवाद एवं प्रश्नोत्तर सत्र भी किया, जिसमें उन्होंने रियाज, साधना और कलाकार के भीतर निहित माधुर्य के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी कहा कि माधुर्य कलाकार में होता है, कला में नहीं तथा संगीत में रसों की भूमिका को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों, अनुशासन एवं सृजनात्मकता का विकास करना भी है। उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें नियमित साधना, गुरु-परंपरा के प्रति सम्मान एवं कला के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने हेतु प्रेरित किया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव एस. पी. सिंह ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक वातावरण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के संयोजक विश्वविद्यालय के नृत्य विभागाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र दत्त बाजपेयी रहे।





