लखनऊ। आर्टेलिया इंस्टीट्यूट आॅफ फाइन आर्ट में आयोजित दो दिवसीय लिप्पन आर्ट कार्यशाला का सफल समापन हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को पारंपरिक लिप्पन कला से परिचित कराना और उनकी रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करना था। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को लिप्पन आर्ट की तकनीकों, डिजाइन निर्माण, रिलीफ वर्क, मिरर वर्क एवं फिनिशिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिसके माध्यम से उन्होंने उत्साहपूर्वक कलाकृतियों का निर्माण किया। कार्यक्रम का संयोजन राहुल गौतम ने किया, जबकि सुजाता, राहुल, अंशु, सुमेधा और रिया ने प्रशिक्षक के रूप में मार्गदर्शन प्रदान किया। संस्थान के निदेशक अरेंद्र चौधरी ने प्रतिभागियों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि लोक कला हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना आवश्यक है। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ।





