लखनऊ/अयोध्या। अयोध्या के राम मंदिर में दान को लेकर उठे विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिसके पास भी किसी प्रकार के ठोस सबूत हैं, वह उन्हें विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपे। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच पूरी होने के बाद सच सामने आ जाएगा और दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, जो लोग कभी ‘जय श्री राम’ कहने पर रामभक्तों पर लाठी और गोली चलाते थे, वही आज इस मामले में उपदेश दे रहे हैं। बाबर की पूजा करने वाले आज राम की बात कर रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ ने दो टूक कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस मामले में अनर्गल बयानबाजी से बचें और जांच पूरी होने का इंतजार करें। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या धाम की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
गौरतलब है कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए नकद और कीमती आभूषणों में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद यह विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि दानपात्रों से निकाले गए सोने, चांदी और हीरे के आभूषणों को नकली वस्तुओं से बदला गया, वहीं कुछ मामलों में दान की रकम में हेराफेरी और चोरी की आशंका भी जताई गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। यह टीम दान की गिनती, लेखा-जोखा, बैंक में जमा प्रक्रिया और इससे जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। हालांकि अब तक इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है।





