इंफाल। मणिपुर के उखरूल जिले में असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर किए गए हमले में नगा उग्रवादी संगठन एनएससीएन-आईएम ने अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है। इस हमले में असम राइफल्स के दो जवानों की मौत हो गई थी। नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल आॅफ नागालैंड- इसाक मुइवा (एनएससीएन-आईएम) ने एक बयान में कहा कि यह हमला नुंगशांग खोंग क्षेत्र में हुआ और माना जा रहा है कि इसे अलग हुए गुट ईस्टर्न फ्लैंक ने अंजाम दिया लेकिन उसका उस गुट से ैकिसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है।
संगठन ने कहा कि वह इस घटना में न तो शामिल था और न ही उसे इसकी कोई जानकारी थी।ै उसने दोहराया कि वह केंद्र के साथ हुए संघर्षविराम समझौते के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और नियमों के तहत अपनी जिम्मेदारियों का लगातार पालन कर रहा है।संगठन ने कहा कि वह ऐसा कोई भी कदम कभी नहीं उठाएगा, जिससे भारत-नगा राजनीतिक वार्ता कमजोर पड़े, पटरी से उतरे या उसमें बाधा उत्पन्न हो।
उसने यह भी दोहराया कि वह सम्मानजनक और शांतिपूर्ण राजनीतिक समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। सोमवार दोपहर नगा-बहुल जिले में संदिग्ध उग्रवादियों ने असम राइफल्स के एक काफिले पर घात लगाकर हमला कर दिया था जिसमें असम राइफल्स के दो जवानों की मौत हो गई,जबकि कई अन्य घायल हो गए। मृतकों की पहचान वारंट अफसर बलवंत सिंह और हवलदार चंद्र मोहन सिंह के रूप में हुई है। असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने ड्यूटी के दौरान सर्वाेच्च बलिदान देने वाले दोनों जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।हमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया। वहीं, राज्य सरकार ने हमले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्वाई करने का संकल्प जताया।





