मुंबई। मुंबई में मंगलवार को सुबह घने बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलीं। हालांकि, सुबह कोई खास बारिश नहीं हुई जिससे दो दिनों की भारी बारिश के बाद लोगों को थोड़ी राहत मिली। मुंबई में लगातार बारिश ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मुंबई में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताते हुए आॅरेंज अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर मुंबई में मंगलवार को सभी सरकारी, निजी एवं नगर निगम संचालित स्कूल एवं कॉलेज बंद रहेंगे। लगातार हो रही बारिश की वजह से सोमवार को मुंबई और आस-पास के जिलों में जनजीवन लगभग ठप हो गया।
कई सड़कें पानी में डूब गईं, पेड़ उखड़ गए और दीवार व बिलबोर्ड गिरने की कई घटनाएं सामने आईं। पालघर जिले का विरार-वसई खंड सोमवार सुबह से ही जलमग्न था, हालांकि शाम तक बारिश की गति धीमी पड़ने के बाद पानी का स्तर धीरे-धीरे कम हो गया। पश्चिम रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि मंगलवार तड़के 3:57 बजे विरार से दक्षिण मुंबई के चर्चगेट के लिए पहली लोकल ट्रेन रवाना हुई। यात्रियों के अनुसार, पश्चिम रेलवे की लोकल ट्रेन सेवाएं तय समय से 20 से 25 मिनट देरी से चल रही हैं जबकि मध्य रेलवे की लोकल ट्रेन 10 से 15 मिनट की देरी से चल रही हैं।
मेट्रो और बृहन्मुंबई इलेट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) की बसें सामान्य रूप से सेवाएं देते दिखीं। नगर निकाय के अधिकारियों ने बताया कि आईएमडी ने मंगलवार को मुंबई और उसके उपनगरों में रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान जताया है, साथ ही कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की भी संभावना है। उन्होंने कहा कि 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है इसलिए अधिकारियों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। एक अधिकारी ने बताया कि आईएमडी के आॅरेंज अलर्ट का मतलब होता है कि बहुत खराब मौसम का अंदेशा है और लोग पहले से तैयार और सतर्क रहें। इससे कामकाज में बड़ी रुकावटें आ सकती हैं, परिवहन में देरी हो सकती है और बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है। चार-स्तरीय रंग-आधारित चेतावनी प्रणाली में आॅरेंज अलर्ट तीसरे स्तर का होता है।
यह येलो अलर्ट से ऊपर और रेड अलर्ट से नीचे होता है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अनुसार मंगलवार सुबह आठ बजे तक के पिछले 24 घंटों में मुंबई में औसतन 46 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में क्रमश: 77 मिलीमीटर और 78 मिलीमीटर बारिश हुई। मंगलवार को शाम चार बजकर 34 मिनट पर समुद्र में 3.93 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की संभावना है जबकि बुधवार सुबह पांच बजकर 43 मिनट पर समुद्र में 3.41 मीटर ऊंची लहरें उठने का अनुमान है। बीएमसी ने बताया कि मंगलवार रात 11:02 बजे और बुधवार पूर्वाह्न 11:07 बजे कम ऊंचाई की लहरें उठने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने बताया कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक बाईपास खंड पर मुंबई की ओर जाने वाले मार्ग पर यातायात सोमवार रात फिर से शुरू कर दिया गया। भारी बारिश की वजह से रात में हुए भूस्खलन के कारण यह मार्ग 18 घंटे से अधिक समय तक बंद रहा था। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि भूस्खलन वाली जगह पर सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद रात 10:10 बजे यातायात फिर से शुरू किया गया। सोमवार तड़के करीब चार बजे मिसिंग लिंक की सबसे लंबी सुरंग सुरंग दो के निकास के पास भूस्खलन के बाद मुंबई जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया गया था।
सोमवार को पुणे जिले में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और दीवार गिरने की घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि वर्षा जनित अलग-अलग घटनाओं में दो अन्य लोग बह गए। इसके कारण अधिकारियों को 500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण जिले भर में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। मावल तहसील के पाटन गांव में भूस्खलन की एक घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पुणे जिले के मशहूर हिल स्टेशन लोनावला में सोमवार सुबह सात बजे तक के पिछले 24 घंटों में 670 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो दिनों में पुणे जिले में 22 जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं हुईं।





