लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में कोरोना के 10 से ज्यादा पॉजिटिव केस रिपोर्ट हुए हैं उन्हें अभी न खोला जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन किया जाए और जो जहां है वह वहीं रुके। उन्होंने कोरोना संदिग्धों की टेस्टिंग अनिवार्य रूप से कराने के भी निर्देश दिए।
बाहर से आये श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए समिति गठित
टीम-11 के साथ लॉक डाउन की समीक्षा बैठक के दौरान एक अन्य महत्वपूर्ण निर्देश में योगी ने कहा है कि पिछले 45 दिनों में देश के अलग-अलग राज्यों से प्रदेश वापस पहुंचे लगभग 5 लाख श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति इन श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
लॉकडाउन के संबंध में योगी ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि कोरोना के संक्रमण को हर हाल में फैलने से रोकना है, इसलिए हर जिले में संक्रमण के इलाज में लगे डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिक्स तथा अन्य स्टाफ को पीपीई, एन-95 मास्क व अन्य मेडिकल उपकरण हर हाल में उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कोरोना संदिग्धों के लिए शेल्टर होम तैयार स्थिति में रखने के निर्देश दिए। बाहर से आने वालों को हर हाल में क्वारंटीन किया जाए। इस सम्बन्ध में आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाओं के सम्बन्ध में कहा कि यह सेवाएं उन्हीं अस्पतालों में चालू की जाएं जहां पीपीई किट्स, एन-95 मास्क पर्याप्त मात्रा में मौजूद हों। इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ को इस सम्बन्ध में आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाए। उन्होंने अपर मुख्य सचिव राजस्व को निर्देश दिये कि सभी शेल्टर होम नियमित रूप से सैनिटाइज किये जाएं। कम्युनिटी किचन का संचालन पूरी सावधानी से किया जाए। क्वॉरेन्टीन पूरा कर चुके लोगों को वापस भेज दिया जाए। उन्होंने प्रशासन की देखरेख में ही भोजन वितरित करने के निर्देश दिये।
रोजगार के लिए लोन, रोजगार मेलों का कराया जाये आयोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में गठित इस समिति में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास, प्रमुख सचिव पंचायती राज, प्रमुख सचिव एमएसएमई और प्रमुख सचिव कौशल विकास शामिल हैं। समिति ओडीओपी के तहत रोजगार सृजन के साथ-साथ बैंक के माध्यम से लोन मेले आयोजित करना सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा रोजगार मेलों का भी आयोजन किया जाएगा ताकि लोगों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जा सकें। समिति रोजगार के ज्यादा अवसर कैसे सृजित किए जाएं इस पर भी अपने सुझाव देगी। समिति एमएसएमई के तहत विभिन्न उद्योगों में रोजगार के अवसर सृजित करने की सम्वभानाएं भी तलाशेगी।
महिला स्वयंसेवी समूहों को घरेलू उद्योग के तहत उपलब्ध कराएं रोजगार
योगी ने कहा कि रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने रिवॉल्विंग फण्ड में जो बढ़ोत्तरी की है, उससे महिला स्वयंसेवी समूहों को विभिन्न गतिविधियों जैसे सिलाई, अचार, मसाला बनाना इत्यादि के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जाए। महिलाओं द्वारा निर्मित सामग्रियों की मार्केटिंग ओडीओपी के माध्यम से की जाए। उन्होंने कहा कि हर जिले में पुष्टाहार पहुंच चुका है। इसलिए बच्चों, किशोरियों, कन्याओं, गर्वभती माताओं के लिए इसकी डोर स्टेप डिलीवरी सुनिश्चित की जाए।
उद्योगों की दी गयी है सशर्त अनुमति, स्थानीय प्रशासन बनाये ठोस रणनीति
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमवार से प्रदेश में उद्योगों को सशर्त शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। इस सम्बन्ध में रविवार शाम सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन शर्तों के अनुरूप स्थानीय प्रशासन उद्योग चलाने की ठोस कार्ययोजना बनाए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस कोविड-19 के कारण 25 मार्च से लागू लॉक डाउन के कारण ठेला, खोमचा, रेहड़ी आदि लगाने वालों, रिक्शा, ई रिक्शा चालक, पल्लेदार, रेलवे कुली, दिहाड़ी मजदूरों आदि के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। राज्य सरकार इसके प्रति अत्यन्त संवेदनशील है और इन्हें हर सम्वभ सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास कर रही है।
पशुओं के लिए चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुओं के लिए चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हर सरकारी या अन्य धर्मार्थ संस्थाओं द्वारा संचालित गौशालाओं में पर्याप्त मात्रा में भूसे और चारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बैठक में मुख्य सचिव आरके तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल एवं संजय प्रसाद, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।





