श्री परमानंद हरि हर मंदिर में किया गया गंगाजल से महादेव का अभिषेक
लखनऊ। सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल द्वारा उत्तर प्रदेश ही नहीं वरन राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप से सुंदरकांड महा अभियान, भारत वर्ष की बने पहचान का संचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में सपना गोयल की अगुआई में सोमवार 25 मई को गंगा दशहरा पर्व देवा रोड स्थित प्रतिष्ठित श्री परमानंद हरि हर मंदिर में पूर्ण आस्था और भक्ति के साथ मनाया गया। वहां महादेव पर बेलपत्र अर्पित कर गंगा जल से अभिषेक पूजन अर्चन भी किया गया। दीपक प्रज्वलित कर विश्व शान्ति एवं भारत उन्नति की मंगल कामना की गई। इस अवसर पर उन्होंने संदेश दिया कि गंगा दशहरा का महा पर्व हमें परमार्थ का संदेश देता है। कहा भी गया है कि वृक्ष कबहुँ नहिं फल भखै, नदी न संचै नीर परमारथ के कारने, साधुन धरा शरीर। यह मानव काया बड़ी ही किस्मत वालों को मिलती है ऐसे में हर सनातनी का यह परम धर्म है कि वह राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत का अनुसरण करते हुए देश के प्रति निष्ठावान रहे और उसकी हर संभव सेवा करें। सनातन धर्म के मूल में मानवता का केन्द्रीय भाव निहित है। ऐसे में मानव ही नहीं हर जीव जंतु वनस्पति, धरती आदि की सेवा करना उसका कर्तव्य है।
सपना गोयल का एक मात्र लक्ष्य है कि संतों और ऋषियों की पावन भूमि, भारत एक बार पुन: विश्व गुरु के रूप में प्रतिष्ठित हो। भारत उत्थान के इस महा उद्देश्य की पूर्ति के लिए ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की ओर से प्रतिदिन सुंदरकांड पाठ के साथ प्रत्येक सप्ताह मंगलवार और शनिवार को नजदीकी मंदिरों में सामूहिक सुंदरकांड का आयोजन, करवाया जा रहा है। बिना किसी सरकारी या निजी सहयोग के 10 मार्च 2024 को महिला दिवस के उपलक्ष्य में सपना गोयल की अगुआई में पांच हजार से अधिक महिलाओं ने लखनऊ के झूलेलाल घाट पर सामूहिक सुंदरकांड का भव्य अनुष्ठान किया था। इस क्रम में 23 जून 2024 को पावन तीर्थ नैमिषारण्य में भव्य सामूहिक सुंदरकांड महायज्ञ का आयोजन करवाया गया था। उसमें पांच हजार महिलाओं को इस अनुष्ठान में शामिल करवाया गया था। सपना गोयल की अगुआई में बिना किसी सरकारी मदद के रात-दिन की यात्रा करके उत्तर प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में बड़े स्तर पर सुंदरकांड महायज्ञ सम्पन्न करवाए जा चुके हैं। इस महा तीर्थाटन अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड कोटद्वार के प्राचीन सिद्धबली मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, हर की पौड़ी हरिद्वार, रुड़की महादेव मंदिर, चित्रकूट के पावन तीर्थ परिसर रामघाट, प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान मंदिर एवं कानपुर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर के गंगाजी घाट परिसर में भी भव्य सुंदरकाण्ड का पाठ सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। मथुरा स्थित भगवान कृष्ण जन्मस्थली मंदिर परिसर में भी डेढ़ हजार से अधिक मातृशक्तियों ने सामूहिक सुन्दरकांड का पाठ किया था। बीते साल 11 सितम्बर से अयोध्या तीर्थ में प्रभु राम जी के जन्मभूमि परिसर में भी, मासिक सुंदरकांड पाठ का सिलसिला शुरू हो गया है। इस क्रम में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 11 हजार महिलाओं का सामूहिक सुंदरकांड का पाठ प्रस्तावित है। सपना गोयल के अनुसार सुंदरकांड महा अभियान उत्तर प्रदेश के 42 जिलों और देश के 10 राज्यों तक पहुंच चुका है। दूसरी ओर सेवा परमो धर्म: को बीज मंत्र मानते हुए दरिद्र नारायण की सेवा के भाव से जाड़ों में कम्बल वितरण और विभिन्न पावन अवसरों पर भंडारों का आयोजन भी किया जा रहा है।





