लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने बुधवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता और रसड़ा (बलिया) से पांच बार विधायक रहे उमाशंकर सिंह को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद मंगलवार को 55 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था।मायावती ने लखनऊ पहुंचकर दिवंगत नेता के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान बसपा के कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और समर्थक भी मौजूद रहे। पूर्वांचल में बसपा के मजबूत स्तंभ माने जाने वाले उमाशंकर सिंह के निधन को पार्टी के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।
उमाशंकर सिंह बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से पांच बार विधायक चुने गए थे। वे पूर्वांचल में बसपा का प्रमुख चेहरा थे और बलिया सहित आसपास के जिलों में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ थी। संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से लगातार जुड़े रहने के कारण उन्हें पार्टी के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता था।
अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने क्षेत्र की सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया। लगातार चुनावी सफलता के चलते वे उन चुनिंदा बसपा नेताओं में शामिल रहे, जिन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश में पार्टी की मजबूत मौजूदगी बनाए रखी।
पार्टी नेताओं के अनुसार, उमाशंकर सिंह पिछले काफी समय से कैंसर का इलाज करा रहे थे। मंगलवार को उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहने वाला जनप्रतिनिधि बताया।
मायावती ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि उमाशंकर सिंह जीवनभर बसपा की विचारधारा और संगठन के प्रति समर्पित रहे। उन्होंने दिवंगत नेता के परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें इस कठिन समय में धैर्य रखने की शक्ति मिलने की कामना की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उमाशंकर सिंह के निधन से पूर्वांचल में बसपा के नेतृत्व को बड़ा झटका लगा है। आने वाले समय में पार्टी के लिए उनकी कमी को भर पाना आसान नहीं होगा। उनके अंतिम संस्कार में परिवार के सदस्यों के अलावा बसपा के वरिष्ठ नेता, समर्थक और प्रदेशभर से कई जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।





