लखनऊ। अक्षय तृतीया पर सोने की खरीददारी को शुभ माना जाता है, लेकिन इस बार सोने के बढ़े दामों ने सरार्फा बाजार में रौनक कम दिखाई पड़ी। पिछली बार जहां अक्षय तृतीया पर 30 किलो सोना और 300 किलो चांदी की बिक्री हुई थी। वहीं इस बार 27 किलो सोना ओर 225 किलो चांदी बिकने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस बार सोने की कीमतों ने आम खरीदारों की जेब पर ज्यादा असर डाला है। लगातार बढ़ते दाम के चलते अब लोग पारंपरिक भारी गहनों की जगह हल्के वजन और मॉडर्न डिजाइन वाले गहनों की ओर रुख कर रहे हैं। चौक सरार्फा एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आदिश जैन ने बताया कि अक्षय तृतीया और शादियों की रौनक तो है, लेकिन सरार्फा दुकानों पर पहले जैसी भीड़ नहीं दिख रही। बढ़ती कीमतों के चलते अब ग्राहक 22 कैरेट की जगह 18 कैरेट के गहनों की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लोग उतनी ही खरीददारी कर रहे है कि परम्परा न टूटने पाए। बीते एक साल में 18 कैरेट गहनों की बिक्री में 25 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चौक सरार्फा एसोसिएशन से जुड़े विनोद महेश्वरी ने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा बाजार में रौनक कम है। लोग खरीददारी तो कर रहे है पर बहुत सोच समझकर। उन्होंने बताया कि भले ही इस बार सोना की बिक्री वजन में कम हो पर रुपये में बराबर पर है।
अक्षय तृतीया पर बिका 24 लाख का डायमंड सेट
-27 किलो सोना और 225 किलो बिकी चांदी
लखनऊ। अक्षय तृतीया पर्व पर शहर के सरार्फा बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। सोना-चांदी में तेजी के बावजूद बाजार में 24 लाख रुपये का डायमंड सेट बिका। सरार्फा कारोबारी आदिश जैन ने बताया कि अक्षय तृतीया पर लोग सोना और चांदी खरीदना शुभ मानते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार 27 किलो सोना और 225 किलो चांदी बिकी है। जबकि पिछले बार अक्षय तृतीया पर 30 किलो सोना और 300 किलो चांदी बिकी थी। शहर के अमीनाबाद, चौक, गोमतीनगर, भूतनाथ, महानगर, आलमबाग सहित तमाम सरार्फा बाजारों में शाम से रौनक बढ़नी शुरू हो गयी। जो देररात तक चली।
उन्होंने बताया कि शहर की बाजारों में काफी रौनक है। खरीददारी करने में सबसे ज्यादा उत्साह महिलाओं में दिख रहा है। आदीश बताते हैं कि अभी देर रात बिक्री और बढ़ने की सम्भावना हैं। सरार्फा कारोबारी अमृत जैन बताते हैं कि इस बार सबसे ज्यादा मांग इटैलियन रोस गोल्ड की रही। इसमें बने कंगन, टॉप, रिंग सहित अन्य प्रकार के आभूषण लोगों ने में सबसे ज्यादा पसंद किए गए। उन्होंने बताया कि सोना-चांदी महंगा जरूर हुआ है पर लोगों में भारी सेट को लेकर काफी मांग रही। चौक सरार्फा एसोसिएशन के महामंत्री विनोद महेश्वरी ने बताया कि इस बार लोगों ने 10 ग्राम, 50 ग्राम और 100 ग्राम के चांदी के सिक्के खरीदे। वहीं सोने में 1 ग्राम से लेकर 5 ग्राम के सिक्के बिके। उन्होंने बताया कि आभूषणों में महिलाओं ने लाइट वेट के झुमके, टप्स और कंगन खरीदे।
डिजिटल गोल्ड में बढ़ी दिलचस्पी
शेयर बाजार में निवेश कराने वाले गोविन्द बताते हैं कि लोगों में अब पारंपरिक सोने की खरीद के साथ डिजिटल गोल्ड और गोल्ड बॉन्ड में निवेश का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। गोल्ड में निवेश 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ा है। युवा निवेशक 500 से 5,000 रुपये तक की छोटी राशि से निवेश शुरू कर रहे हैं, जिससे यह विकल्प तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
देर रात तक गुलजार रहे बाजार
अक्षय तृतीया पर रविवार को सोने की कीमतो में भारी उछाल के बाद भी बाजार देर रात तक गुलजार रहा। बाजारों में दिनभर खरीददारों की रौनक बनी रही। लखनऊ सरार्फा एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अदीश कुमार जैन के मुताबिक देर रात तक करीब 22 किलो सोना व तीन सौ किलो चांदी जिसकी कीमत करीब तीन करोड़ की बिक्री हुई है।अक्षय तृतीया पर अनूठा मूर्हत तिथि होने से सोना और नई वस्तुओ की खरीद शुभ मानी जाती है। त्योहार को लेकर सरार्फा कारोबार में देर रात तक रौनक बनी रही। सरार्फा कारोबारियों ने ग्राहको को तमाम तरह के आफर देकर रिझाने की कोशिश भी की। कहीं आभूषण बनवाने पर 20 से 30 फीसद की छूट दी गयी तो कहीं सोना चांदी पर उपहार दिये गये। सरार्फा व्यापारियों को इस त्योहार से पूरे प्रदेश में 50 करोड़ से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद है। वहीं रियल एस्टेट और आटो मोबाइल सेक्टर में भी धूम रही। अक्षय तृतीया अबूझ मुर्हत तिथि होने से समस्त शुभ कार्य किये जाते है। नये कार्य का शुभारम्भ करना भी विशेष लाभदायक होता है। त्योहार का लेकर सरार्फा बाजारों की दुकानों को आकर्षक रूप से सजाया गया था। सरार्फा कारोबारियों का कहना है कि अक्षय तृतीया के बाद अब सहालग है। इस बार करीब पांच हजार शादियां है। इसको देखते हुए एंटीक आभूषणों की ज्यादा मांग रही है। इसके साथ ही अब बाजार में सोने चांदी के अलावा हीरा खरीदने के प्रति लोगो में क्रेज बढ़ा है। बुधवार को सुबह से ही सरार्फा बाजार गुलजार हो गये थे।
आटोमोबाइल सेक्टर में भी रही उछाल
अक्षय तृतीया पर आटोमोबाइल के क्षेत्र में भी काफी उछाल रहा। तेजी से कीमतो में वृद्धि को देखते हुए लोगों ने इलेक्ट्रिानिक वाहन लेने में अधिक रूचि दिखायी। इस अवसर पर गोमतीनगर क्षेत्र के ई व्हैकिल शो रूम को आकर्षक रूप से सजाया गया था और जिन लोगों ने आज अपने वाहनो की डिलीवरी ली, उन्हे उपहार भी दिये गये।
सोना मंहगा, फिर भी हुई खरीदारी:
अक्षय तृतीया पर इस बार सोना एक लाख के ऊपर पहुंच चुका है, फिर भी लोगों ने सोने की खूब खरीदारी की। इस हार की कीमत 25 लाख रुपये थी। खरीदार ने इस हार की बुकिंग अक्षय तृतीया पर्व से पहले कराई थी। अक्षय तृतीया के मौके पर लखनऊ में लोगों ने जमकर खरीदारी की। बाजार से जुड़े लोगों ने बताया कि कार और मोटरसाइकिल की खूब बिक्री हुई। ज्वेलरी की बात करें तो लोगों ने सोने-चांदी की भी खूब खरीदारी की। हजरतगंज के एक शोरूम में 25 लाख का हार बिका। वहीं, इंदिरा नगर में एक पति-पत्नी ने 12 लाख 70 हजार रुपए का हार खरीदा। लखनऊ में 200 करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार हुआ। इलेक्ट्रॉनिक और शादियों के लिए खरीदे गए गिफ्ट से भी बाजार में करीब 50 करोड़ रुपए की बिक्री हुई। पिछले दो साल में अक्षय तृतीया का बाजार बिल्कुल ठंडा रहा। इस बार स्थिति पहले से काफी बेहतर रही।
फैंसी आइटम के आभूषणों की बिक्री ज्यादा
सोने की कीमते बढ़ने के कारण लोगों ने कम वजन के फैंसी आइटम के आभूषणो को खासा पंसद किया। इसको लेकर मशीनो से बने फैंसी आइटम की मांग सबसे अधिक रही। ग्राहको को लुभाने के लिए कारोबारियों ने हल्के वजन की इंटेलियन टर्की डिजाइन बुलियान ज्वेलर्स एसोसिएशन के नार्थ इंडिया हेड अनुराग रस्तोगी ने बताया कि सोने में फैंसी ज्वेलरी की मांग अधिक रही है। चौक सरार्फा एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आदिश जैन ने बताया कि अक्षय तृतीया और शदियों की रौनक तो है लेकिन जेवरों की दुकानो पर पहले जैसी भीड़ नहीं दिख रही है। उन्होंने बताया कि बढ़ती कीमतो के चलते अब ग्राहक 22 कैरेट की जगह 18 कैरेट के गहनों की ओर रूख कर रहे है। अंगूठिया ,कंगन और चेन जैसे गहनों की खरीद में 18 कैरेट का विकल्प तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।





