भगवान परशुराम जी का प्राकट्योत्सव धूमधाम से मनाया गया
लखनऊ। रविवार को अक्षय पुण्य की प्राप्ति की कामना को लेकर भगवान परशुराम के पूजन के साथ ही हवन यज्ञ किया गया। ब्राह्मण परिवार की ओर से कानपुर रोड के उत्तम लान में भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण के साथ ही हवन पूजन किया गया। शहर में जगह-जगह भंडारे लगाए गए। छितवापुर, आलबाग के मौनी बाबा मंदिर, कानपुर रोड एलडीए कालोनी सेक्टर-ई, ऐशबाग शिव मंदिर, इंदिरानगर व आशियाना समेत कई स्थानों पर भंडारा लगाया गया।
लखनऊ कैंट क्षेत्र स्थित सहसोवीर मंदिर, कृष्णा नगर में भगवान परशुराम जी के पावन जन्मोत्सव एवं मंदिर निर्माण के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भव्य भजन संध्या एवं धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हेमवती नंदन बहुगुणा स्मृति समिति के तत्वाधान में अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ। मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों एवं विद्युत सज्जा से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और दिव्य हो उठा। भगवान परशुराम जी के विग्रह का विशेष श्रृंगार किया गया तथा विधि-विधान से आरती एवं भोग अर्पण किया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से आरती में भाग लेकर भगवान से सुख-समृद्धि एवं देश-प्रदेश की उन्नति की कामना की।
आज क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। मंदिर निर्माण के 5 वर्ष पूर्ण होने पर समिति द्वारा विशेष उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें भजन संध्या मुख्य आकर्षण रही। अपने संबोधन में उन्होंने भगवान परशुराम जी के आदर्शों-धर्म, साहस और न्याय को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं। इस अवसर पर मेयर लखनऊ सुषमा खर्कवाल, और रेणुका टंडन सहित अनेक विशिष्ट जन उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने भगवान परशुराम जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा आयोजन की सराहना की। भजन संध्या में सुप्रसिद्ध भजन गायकों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक भजनों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में डूबे रहे और जय परशुराम के जयघोष से पूरा वातावरण गूंजता रहा। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। आयोजन की सुव्यवस्था एवं सफल संचालन के लिए समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकतार्ओं का विशेष योगदान रहा। अंत में प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह आयोजन क्षेत्र में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनकर उभरा।
फोटो-मंदिर
अक्षय तृतीया पर परशुराम मंदिर में पूजन सम्पन्न
लखनऊ। अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी उत्तर मण्डल चार द्वारा श्रीनगर कालोनी स्थित परशुराम मंदिर में विधिवत पूजन-अर्चन तथा भगवान परशुराम के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। साथ ही उपस्थित जनों को धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के महत्व से अवगत कराते हुए समाज में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर मण्डल अध्यक्ष शैलेन्द्र मौर्य ने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और धर्म की स्थापना का प्रतीक है जो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम में मण्डल महामंत्री विनोद अवस्थी, मण्डल मंत्री गीतेश मिश्र राहुल, अशोक द्विवेदी, सुनीत तिवारी, परशुराम अवस्थी, नैनशु मिश्रा, उमेशचंद्र मिश्रा, उमाकांत शुक्ला, अनुज बाजपेई, पुनीत मिश्रा, अंश दीक्षित, लखनऊ ब्राह्मण परिषद के जिलाध्यक्ष प्रमोद अवस्थी, अशोक शुक्ला सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
परशुराम जयंती पर सनातन के ध्वजवाहकों का सम्मान
संस्कृति संरक्षण में ब्राह्मण समाज का योगदान अहम : डा. नीरज बोरा
लखनऊ। भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर भगवत चर्चा को जन-जन तक पहुँचाने वाले सनातन धर्म के ध्वजवाहकों का पूजन एवं सम्मान किया गया। रविवार को विधायक डॉ. नीरज बोरा एवं वत्सल बोरा ने पुरनिया स्थित कार्यालय में भगवान परशुराम का विधिवत पूजन-अर्चन कर ब्राह्मण समाज के आचार्यों एवं विद्वानों से आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर डा. नीरज बोरा ने उपस्थित विप्र बंधुओं को संबोधित करते हुए भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम के आदर्शों और उनके धर्म-संरक्षण के संकल्प का स्मरण कराया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने में आचार्यों, संतों और विद्वानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर पर अनेक आक्रमण हुए जिनका उद्देश्य केवल संपदा लूटना ही नहीं अपितु हमारी आस्था और परंपराओं को भी आघात पहुँचाना था, किन्तु आप सबके प्रयासों से धर्म आज भी सशक्त और जीवंत बना हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में कश्मीर से कन्याकुमारी तक तथा द्वारका से डिब्रूगढ़ तक धर्म के पुनर्जागरण का एक सशक्त कालखंड चल रहा है। देश का युवा वर्ग भी अब धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूक होकर तीर्थस्थलों की ओर आकर्षित हो रहा है। यह परिवर्तन भारत की आध्यात्मिक चेतना के पुनर्स्थापन का प्रतीक है। कार्यक्रम में सीतावल्लभ कुंज अयोध्या धाम स्थित बड़े हनुमान मंदिर के स्वामी ब्रम्हेश जी महाराज, विंध्याचल मंदिर के आचार्य सूर्य कुमार तिवारी, नागेश्वर मंदिर के प्रधान पुजारी, रामनारायण मिश्र, सतीश मिश्र, कृपाशंकर मिश्र, शैलेन्द्र शर्मा अटल, प्रदीप मिश्र, लवकुश त्रिवेदी, अनुज द्विवेदी, दयाशंकर पाण्डेय, कलम के पुजारी पं. नवल किशोर त्रिपाठी सहित विप्रगण, विभिन्न मंदिरों के पुजारी एवं संतजन उपस्थित रहे। संयोजन व संचालन कृपाशंकर मिश्र ने किया।
श्रद्धा व भक्ति के साथ मना परशुराम जन्मोत्सव
लखनऊ। प्रगतिशील ब्राह्मण कल्याण समिति के तत्वावधान में वृन्दावन योजना, सेक्टर-6 स्थित परशुराम चौक पर भगवान परशुराम जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं भव्यता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम की प्रतिमा पर विधिवत पूजन-अर्चन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ, जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण व्याप्त हो गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों एवं पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। पार्षद रजनी अवस्थी सहित प्यारे मोहन चौबे, ए.पी. मिश्रा, शिव प्रकाश मिश्रा, सुशील कुमार पांडे, किशोर मिश्रा, संजीव अवस्थी, के.के. शुक्ल, प्रणव अग्निहोत्री, अजय कुमार तिवारी, अशोक कुमार पांडे, एल.एन. पांडे, विनोद कुमार दुबे, अनिल कुमार दुबे, दिनेश पांडे, आदित्य ओझा, प्रदीप चतुवेर्दी, अतुल मिश्रा, आलोक मिश्रा, पदम रंजन भट्ट, बिपिन सिंह, सोनू तिवारी, रजत अवस्थी, राकेश उपाध्याय एवं आर.के. तिवारी सहित अनेक सम्मानित जनों ने भगवान परशुराम की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
संगठन के मीडिया प्रभारी अनिल कुमार दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि सरोजनीनगर के लोकप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के सौजन्य से परशुराम चौक पर भगवान परशुराम की भव्य प्रतिमा की स्थापना कराई गई है। साथ ही चौक का आकर्षक एवं सुसज्जित सौंदर्यीकरण कर इसे लखनऊ के एक विशिष्ट एवं अविस्मरणीय स्थल के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया गया है, जिससे क्षेत्र की सुंदरता एवं गरिमा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि इसी पावन स्थल पर प्रतिवर्ष भगवान परशुराम जन्मोत्सव का आयोजन निरंतर किया जाएगा।
कार्यक्रम के उपलक्ष्य में परशुराम चौक पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों ने प्रसाद ग्रहण किया। संपूर्ण आयोजन भक्ति, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता रहा।





