back to top

2022 के विधान सभा चुनाव की तैयारी में यूपी के बड़े राजनीतिक दल

लखनऊ। बिहार विधानसभा चुनाव में छोटे- छोटे दलों को बड़े दलों के साथ गठबंधन में मिली सफलता के बाद उत्तर प्रदेश में दलितों और पिछड़ी जातियों का प्रतिनिधित्व करने वाले छोटे-छोटे दलों के हौसले बुलंद हैं। बिहार के परिणामों के बाद देश के सबसे बड़े राज्य में भी बड़े राजनीतिक दलों ने इन छोटे दलों को केंद्र में रख अपनी चुनावी रणनीति का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है।

राज्य में विधानसभा के चुनाव 2022 में होने हैं लेकिन हाल में हुए उप चुनावों में वोटों के बिखराव के चलते भारतीय जनता पार्टी को मिली एकतरफा बढ़त ने राजनीतिक दलों को छोटे दलों की ओर देखने को मजबूर किया है। उत्तर प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पिछले सप्ताह इसके साफ संकेत देते हुए कहा कि उनकी पार्टी अब छोटे दलों से ही गठबंधन कर चुनाव लड़ेगी।

अखिलेश ने समाजवादी पार्टी से विद्रोह कर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) बनाने वाले अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव से भी गठबंधन करने की बात कही। शिवपाल यादव की ओर से भी उसका सकारात्मक जवाब दिया गया है। पिछले विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव कांग्रेस के साथ समझौता कर चुनाव मैदान में उतरे थे और अपनी सत्ता गँवा दी थी। इसके बाद 2019 में हुए लोकसभा चुनावों में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा, लेकिन सपा को बहुत लाभ नहीं मिला।

सपा सिर्फ पांच सीटों पर ही रह गई लेकिन बहुजन समाज पार्टी को 10 सीटें जरूर मिल गई। समाजवादी पार्टी ने पिछले उप चुनावों में राष्ट्रीय लोकदल के लिए एक सीट छोड़ी थी और यह संकेत हैं कि आगे भी वह रालोद से तालमेल कर सकती है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में असर रखने वाले महान दल के नेता केशव देव, अखिलेश यादव के साथ दिख रहे हैं। लोकसभा चुनाव में जनवादी पार्टी के संजय चौहान, सपा के चुनाव चिन्ह पर चंदौली में चुनाव लड़कर हार चुके हैं और वह भी अखिलेश यादव के साथ सक्रिय हैं।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी के मुकाबले अपनी मजबूती साबित करने के लिए उत्तर प्रदेश के सभी प्रभावी दलों को भी गठबंधन की जरूरत महसूस होने लगी हैं और चूंकि इस राज्य में छोटे-छोटे कई दल जातियों की बुनियाद पर ही अस्तित्व में आये हैं, इसलिए उनका समर्थन फायदेमंद हो सकता है।

वैसे तो उत्तर प्रदेश में वर्ष 2002 से ही छोटे दलों ने गठबंधन की राजनीति शुरू कर जातियों को सहेजने की पुरजोर कोशिश की है, लेकिन इसका सबसे प्रभावी असर 2017 के विधानसभा चुनाव में देखने को मिला, जब राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय दलों के अलावा करीब 290 पंजीकृत दलों ने अपने उम्मीदवार उतारे थे। इसके पहले 2012 के विधानसभा चुनाव में भी दो सौ से ज्यादा पंजीकृत दलों के उम्मीदवारों ने किेस्मत आजमाई थी।

RELATED ARTICLES

स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने रचा नया कीर्तिमान

पवन ऊर्जा खरीद में उत्तर प्रदेश बना देश का अग्रणी राज्य, यूपी को मिला 'विंड प्रोक्योरमेंट चैंपियन' सम्मान : एके शर्मा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी...

ब्रिटेन में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कई सोशल मीडिया ऐप्स पर लगेगी रोक: स्टार्मर

लंदन। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केयर स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कई सोशल मीडिया ऐप्स पर...

दीप्ति शर्मा को दबाव वाली परिस्थितियां और आईसीसी टूर्नामेंट में खेलना पसंद हैं

बर्मिंघम। अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने पाकिस्तान के खिलाफ महिला टी20 विश्व कप के मैच में भारत की आसान जीत में अहम भूमिका निभाने...

सातवां बड़ा मंगल आज, हनुमान जी के शृंगार के साथ लगेगा विशेष भोग

लखनऊ। ज्येष्ठ माह के सातवें बड़े मंगल पर श्री हनुमान जी के मंदिरों में विशेष दर्शन-पूजन किया जाएगा। बजरंगबली का अनुपम शृंगार किया जाएगा।...

श्याम परिवार : भोग प्रसाद भंडारा बना आस्था का केंद्र

सेवाभाव के साथ भंडारे के प्रसाद का वितरण कर रहेलखनऊ। श्री श्याम मंदिर, बीरबल साहनी मार्ग, लखनऊ में श्री श्याम परिवार द्वारा आयोजित श्री...

चित्रों में दिखेंगे रामायण में वर्णित मूल्य और आदर्श : कृष्ण कुमार सिंह

कलाशिविर के रूप में शुरू हुआ कलर्स आफ अयोध्या बनेगा अयोध्या आर्टफेस्ट : मंजुला झुनझुनवालाप्रमुख सांस्कृतिक केंद्र के रूप में जाना जाएगा अयोध्या :...

प्राचीन भारत की ब्राह्मी लिपि से गुरुमुखी लिपि का भी हुआ है विकास

उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के तत्वावधान में हुई पंजाबी लिपि की उत्पत्ति विषयक संगोष्ठीलखनऊ। उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के तत्वावधान में पंजाबी लिपि की...

सोमवती अमावस्या पर महिलाओं ने व्रत रख पीपल वृक्ष के लगाए फेरे

लखनऊ। अमावस्या पर सोमवार को महिलाओं ने अपने पति के लंबे उम्र के लिए व्रत रखा। पीपल वृक्ष के नीचे पहुंची महिलाओं ने वृक्ष...

श्रीमद्भगवद्गीता पाठ एवं भजन संध्या कार्यक्रम का आयोजन

संगठन पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता कीलखनऊ। सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार एवं आध्यात्मिक जागरण के उद्देश्य से सनातन महापरिषद भारत द्वारा आयोजित श्रीमद्भगवद्गीता पाठ...